एडवांस टेक्निक्स को किसानों तक पहुंचाना जरूरी-पाठक:कटिहार कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न,आय बढ़ाने पर चर्चा

कटिहार कृषि विज्ञान केंद्र में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अंतर्गत आने वाले 22 कृषि विज्ञान केंद्रों की दो दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 की वार्षिक कार्य योजना तैयार करना और किसानों की आय बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करना था। कार्यशाला का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. एसके पाठक, अटारी पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीवी सिंह और कृषि विज्ञान केंद्र, कटिहार के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. मृणाल वर्मा की उपस्थिति में किया गया था। समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. एस. के. पाठक ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित उन्नत तकनीकों को सीधे किसानों तक पहुंचाना समय की मांग है, जिससे कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हो सके। अटारी पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीवी. सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम, अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण, किसानों के खेतों पर परीक्षण और अन्य प्रसार गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार लाना आवश्यक है, ताकि किसानों की आजीविका में सकारात्मक बदलाव आ सके। 12 कृषि विज्ञान केंद्रों ने कार्य योजनाओं की प्रस्तुति दी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. मृणाल वर्मा ने कटिहार जिले की प्रमुख फसलों, विशेषकर मखाना और मक्का के उत्पादन और संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि स्वीकृत कार्ययोजना के अनुरूप वर्ष 2026 में सभी कृषि विज्ञान केंद्र अपनी गतिविधियों का संचालन करेंगे। कार्यशाला के दौरान कुल 12 कृषि विज्ञान केंद्रों ने अपनी-अपनी कार्य योजनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने किया। इस अवसर पर कई कृषि विशेषज्ञ और अधिकारी उपस्थित रहे।

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