पुलिस मुख्यालय से क्लोज किए गए किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार की प्रेमिका के साथ नौकरानी भी करोड़पति है। गौतम ने उसके नाम पर भी संपत्ति खरीदी है। उसे बुलेट भी दी है। 35 लाख की थार से वह गौतम के घर पर काम करने आती थी। नौकरानी बंगाल की रहने वाली है, जो किशनगंज की सीमा पर पड़ता है। ईओयू नौकरानी की तलाश में गई थी, लेकिन वह नहीं मिली। उससे पूछताछ भी करनी थी। समझा जा रहा है कि गौतम के ठिकाने पर छापेमारी होने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गई है। नौकरानी को भी आर्थिक अपराधी इकाई आरोपी बना सकती है। अभी गौतम कुमार, उसकी प|ी, उसकी सास और प्रेमिका आरोपी हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने एक सप्ताह पहले गौतम के किशनगंज, पटना और पूर्णिया के छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। जैसे-जैसे जांच बढ़ रही है, उसकी काली कमाई का चिट्ठा निकलता जा रहा है। डीए दर्ज होने के बाद ही उसे पुलिस मुख्यालय से क्लोज कर दिया गया। उसके निलंबन के लिए पुलिस मुख्यालय ने सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। विभागीय कार्यवाही भी चलेगी। वह बर्खास्त भी हो सकता है। 17 साल तक सीमांचल इलाके में ही रहा पोस्टेड
1994 में गौतम कुमार दारोगा की नौकरी में आया। उसके बाद इंस्पेक्टर बना। फिर डीएसपी में प्रमोशन हुआ। डीएसपी के तौर पर उसकी पहली पोस्टिंग फारबिसगंज में हुई। किशनगंज में दूसरी पोस्टिंग थी। नौकरी के पूरे कार्यकाल में 17 साल तक सीमांचल इलाके में ही पोस्टिंग रही। पुलिस मुख्यालय में भी इसका दबदबा रहा। इस वजह से उसकी पोस्टिंग इस इलाके में होती रही। काली कमाई से उसने 80 करोड़ से अधिक की संपत्ति खरीद ली।