‘मेरा बेटा वात्सल्य हॉस्पिटल के NICU वार्ड में भर्ती था। 21 फरवरी की दोपहर मैंने देखा कि उसके मुंह से ऑक्सीजन मास्क हटा था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। लेकिन स्टॉफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। थोड़ी देर बाद वह तड़पने लगा और उसके मुंह से खून निकलने लगा। फिर उसने दम तोड़ दिया।’ यह कहना है शिवम अहिरवार का। जिन्होंने जन्म के महज 12 दिन बाद ही अपने बेटे को खो दिया। शिवम का कहना है कि वह जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन चाहते हैं। इसलिए वह हॉस्पिटल के खिलाफ FIR कराएंगे। यह नवाबाद थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज के सामने वात्सल्य हॉस्पिटल की है। अब पढ़िए विस्तार से पूरा मामला 8 साल पहले हुई थी शादी
उल्दन निवासी शिवम अहिरवार ने बताया- मैं प्राइवेट काम करता हूं। 8 साल पहले मेरी शादी रविता से हुई थी। शादी के बाद हमें संतान नहीं हो रही थी। इसके बाद हम दोनों (पति-पत्नी) मेहंदीपुर बालाजी, मैहर समेत कई मंदिरों पर जा करके मत्था टेका और मन्नतें मांगीं। आखिरकार भगवान ने हमारी सुन ली और पत्नी गर्भवती हो गई। प्रसव पीड़ा होने पर हम उसे रानीपुर के एक क्लीनिक में ले गए। वहां 9 फरवरी को ऑपरेशन के जरिए पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। 13 फरवरी को डिस्चार्ज मिलने के बाद हम घर आ गए। 2 दिन बाद बच्चे को बुखार आ गया। इसके बाद 17 फरवरी को हम उसे लेकर डॉ. प्रमोद गुप्ता के वात्सल्य हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टर ने बच्चे को देखा और उसे भर्ती कर लिया। कांच से देखा तो तड़प रहा था बच्चा
इलाज होने से बच्चे की हालत में सुधार हो रहा था। डॉक्टर ने भी जल्द डिस्चार्ज करने की बात कही थी। लेकिन 21 फरवरी को नर्स खाना खाने चली गई। इसी दौरान बच्चे के मुंह से ऑक्सीजन मॉस्क निकल गया। जब हमने कांच के बाहर से देखा तो वह झटके लेते हुए तड़प रहा था। उसके मुंह से खून भी निकल रहा था। इसके बाद हमने तुरंत डॉक्टर से बच्चे के हालत के बारे में बताया, लेकिन वें मौके पर नहीं पहुंचे। बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने बच्चे की मौत की जानकारी नहीं दी। जब मामला संदिग्ध लगा तो हमने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है। हॉस्पिटल में परिजनों ने हंगामा किया
बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बच्चा बहुत सीरिसय था, परिजनों के आरोप निराधार
डॉ. प्रमोद गुप्ता ने कहा कि जब परिजन नवजात शिशु को लेकर आए थे, तब उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस बारे में परिजनों को भी पहले ही अवगत करा दिया गया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान बच्चे की हालत में थोड़ा सुधार आया था, लेकिन अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। डॉक्टर के मुताबिक बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया, बावजूद इसके उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कोई भी डॉक्टर नहीं चाहता कि उसके मरीज की मौत हो। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं, वे झूठे और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। सीएमओ को तहरीर भेजेंगे
नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात शिशु का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। परिजन तहरीर देंगे तो मामले की जांच के लिए सीएमओ को भेजी जाएगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ———- ये खबर भी पढ़िए… कासगंज में पत्नी, 3 बच्चों की हत्या कर जान दी:बच्चों को जहर देकर पत्नी का गला काटा; 3 दिन घर में पड़ी रहीं लाशें कासगंज में पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद पति फंदे से झूल गया। उसने पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी का गला काट दिया। तीन दिन तक शव घर में पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना का पता उस वक्त चला, जब शनिवार शाम एक युवक शादी का कार्ड देने घर गया। पढ़िए पूरी खबर…