ओलिंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया का सवाल:देश की क्रीम क्यों जा रही विदेश, अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को घेरा

अमेरिका में कोचिंग देने के सवाल पर बजरंग ने स्पष्ट किया कि वे अभी अमेरिका में कोचिंग नहीं दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने एक बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि क्यों छोड़ रहे अच्छे खिलाड़ी देश। हमारे देश की क्रीम क्यों विदेश जा रही है। अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को घेरते बजरंग पूनिया नजर आए बोले क्या नहीं है हमारे देश में जो अच्छे खिलाड़ी विदेश भागने लगे हैं। खिलाड़ियों और कोचों के लिए बेहतर सिस्टम बनाना चाहिए ताकि वे भारत में ही रहकर देश के खिलाड़ियों को तैयार कर सकें। बजरंग पूनिया रविवार को अपने पैतृक गांव में पहुंचे थे। “अगर हमारे देश की क्रीम ही बाहर जाने लगेगी तो यहां क्या बचेगा? अगर खिलाड़ी और कोच देश छोड़कर बाहर जाएंगे, तो हमारे देश में खेल का भविष्य क्या होगा?” गांवों की मिट्टी से निकलकर दुनिया में देश का नाम रोशन करने वाले स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने एक बार फिर ग्रामीण खिलाड़ियों की समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ कहा कि गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में कई अच्छे खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। मेरे गांव में भी इंडोर स्टेडियम का वादा हुआ था बजरंग पूनिया ने याद करते हुए बताया कि जब वे टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतकर लौटे थे, तब हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनके गांव में इंडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। “मेरे गांव में इंडोर स्टेडियम बनाने की बात कही गई थी, लेकिन आज भी गांवों के खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।” बजरंग ने इस बात पर जोर दिया कि गांवों में कच्चे अखाड़ों से निकलकर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें आधुनिक ट्रेनिंग, डाइट और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं मिल पाता। राजनीति से दूरी, खेल को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा राजनीति में भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर बजरंग ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। “मुझे राजनीति में आगे नहीं बढ़ना और न ही राजनीति करनी है। मेरा काम खेल को आगे बढ़ाना और युवाओं को सफल बनाना है।” उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान इस बात पर है कि युवा खिलाड़ियों को सही दिशा, संसाधन और प्लेटफॉर्म मिले। पहलवानों के लिए नई लीग शुरू करने जा रहे हैं। इस लीग के माध्यम से पहलवानों को हर प्रकार से मदद मिलेगी और आर्थिक रूप से भी मदद मिलेगी। अंतर राष्ट्रीय स्तर का प्लेटफार्म मिलेगा। “इस लीग से पहलवानों को अच्छा प्लेटफॉर्म मिलेगा और हर तरह से खिलाड़ियों को मजबूत किया जाएगा।” बजरंग पूनिया का मानना है कि भारत के गांवों में अपार प्रतिभा है। जरूरत है सही सुविधाओं, अच्छे कोच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की। उनका कहना है कि अगर गांवों के खिलाड़ियों को सही माहौल मिले, तो भारत दुनिया की सबसे बड़ी खेल ताकत बन सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *