भास्कर न्यूज| जालंधर नगर निगम ने धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मैसर्स गौ: कॉन्ट्रैक्टर को तत्काल प्रभाव से काम रोकने के लिए कहा है। ठेकेदार पर आरोप है कि वह शहर के विभिन्न वार्डों से उठने वाले कचरे में निर्माण सामग्री का मलबा मिलाकर वरियाणा में डंप करता था। इससे निगम को वित्तीय नुकसान लगाने की कोशिश कर रहा था। विदित हो कि सिटी में मामले का खुलासा 17 मार्च की सुबह तब हुआ जब मेयर और हेल्थ ऑफिसर डॉ. श्री कृष्ण ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान ठेकेदार आकाश के वाहनों को पकड़ा गया, जहां उसके टिप्परों में कचरे के साथ मलबा भरा हुआ था। इससे कचरे का वजन बढ़ाकर कचरे की तुलाई कराता था। कमिश्नर ने ठेकेदार की इस हरकत के चलते भविष्य में जेसीबी और टिप्परों के माध्यम से कचरा उठाने के सभी कार्यों को प्रतिबंधित कर दिया है, और उसके मौजूदा भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मेयर वनीत धीर ने कहा कि कचरे के वाहनों में मलबे को लेकर जाने वाले ठेकेदार के भुगतान और काम पर रोक लगाई है।