कपूरथला जिले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे किसान समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैर-संवैधानिक हमला बताया। खैहरा ने आरोप लगाया कि किसानों की जायज मांगों पर बातचीत करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय, मुख्यमंत्री मान की सरकार ने लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और धमकाने का सहारा लिया। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी सरकार की किसान विरोधी सोच और इरादे को दर्शाती है, जिसने पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान समुदाय के साथ धोखा किया है।” AAP सरकार पर साधा निशाना विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली में अपने सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर काम कर रहे हैं और विरोध की आवाजों को दबाने के लिए दमनकारी तरीके अपना रहे हैं। खैहरा ने कहा, “लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने का आम आदमी पार्टी सरकार का बढ़ता चलन उसकी असहिष्णुता और तानाशाही रवैये को दर्शाता है।” लाठी चार्ज का किया विरोध खैहरा ने कहा कि शिक्षकों, किसानों और अन्य कर्मचारी यूनियनों सहित विभिन्न प्रदर्शनकारी संगठनों पर हाल ही में बार-बार हुई पुलिस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो जाता है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब को एक पुलिस राज्य में बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां किसी को भी सरकार की आलोचना करने या असहमति व्यक्त करने की स्वतंत्रता नहीं दी जा रही है। किसानों के साथ खड़े होने का वादा उन्होंने आगे कहा, “शांतिपूर्ण और जायज विरोध की आवाजों को जबरदस्ती दबाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और यह शांतिपूर्ण आंदोलन के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करता है। खैहरा ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब में किसान आंदोलनों की एक समृद्ध परंपरा रही है। बातचीत के जरिए हल निकालने की कही बात उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस बल से शांतिपूर्ण विरोध को कुचलने का कोई भी प्रयास किसान समुदाय में केवल गुस्सा और अविश्वास बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “किसान अपराधी नहीं हैं; वे हमारे अन्नदाता हैं और उनके साथ सम्मान, न्याय तथा उचित बातचीत होनी चाहिए, न कि लाठियों और बैरिकेड्स से।”