कपूरथला में बेईं नदी किनारे पर्यावरण सम्मेलन:NGT मेंबर डॉ. अफरोज बोले-छोटी नदियां नहीं बचीं तो भारी नुकसान, पौधारोपण किया

विश्व वेटलैंड्स दिवस से एक दिन पहले, पवित्र बेईं नदी के किनारे पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि यदि छोटी नदियों और वेटलैंड्स को नहीं बचाया गया, तो पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। सम्मेलन में वेटलैंड्स, गांव के तालाबों और पोखरों पर अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करने की भी अपील की गई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सदस्य और पर्यावरण सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ. अफरोज अहमद ने अपने संबोधन में पर्यावरण को धर्म की तरह मानने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में छोटी नदियों को बचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये नदियां ही बड़ी नदियों के निरंतर प्रवाह को बनाए रखने में सहायक होती हैं। डॉ. अहमद ने पवित्र काली बेईं नदी के पुनरुद्धार के लिए संत बलबीर सिंह सीचेवाल को बधाई भी दी। संधवा ने अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की आवश्यकता पर दिया जोर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने नदियों, झीलों और ग्रामीण तालाबों पर अवैध कब्जा करने वाले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों से पानी के प्राकृतिक स्रोतों को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ स्वयं शिकायत दर्ज करने का आग्रह किया। संधवा ने लुधियाना के बुड्ढा नाले को बुड्ढा दरिया में बदलने के संत सीचेवाल के प्रयासों की सराहना की और कानून को सख्ती से लागू करने को समय की मांग बताया। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अफरोज खान ने मीडिया कवरेज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज सोने-चांदी के दामों की खबरें तो प्रमुखता से प्रकाशित होती हैं, लेकिन पर्यावरण जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे समाचारों में कम ही देखने को मिलते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण हमारी जिंदगी से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। सम्मेलन में पंजाब की बुड्ढा नदी पर अवैध कब्जों और उसे प्रदूषित करने वाली प्रभावशाली ताकतों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। पंजाबियों की सेहत में हो रही गिरावट : संत सीचेवाल राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी के उसूलों से पीछे हटने की वजह से पंजाब की हालत खराब हुई है। उन्होंने कहा कि एनवायरनमेंट तभी सुधरेगा जब हम नानक जी की बातों पर चलना शुरू करेंगे। आने वाली पीढ़ी के भविष्य की चिंता करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने हमें जो एनवायरनमेंट दिया है, कम से कम उतना ही अच्छा एनवायरनमेंट आने वाली पीढ़ी को तो देना ही चाहिए। पंजाबियों की सेहत में गिरावट का ज़िक्र करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि दूध में मिलावट बहुत खतरनाक लेवल पर पहुंच गई है और खाने की चीज़ों में मिलावट रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की ज़रूरत है। जलगाह दिवस से एक दिन पहले संत सीचेवाल ने वेटलैंड्स को बचाने की अपील की। इसके अलावा, पंजाबी साथ के फाउंडर लीडर डॉ. निर्मल सिंह लांबड़ा, संत सीचेवाल पर ‘बाबे दा मिशन’ नाम की किताब के लेखक खुशाल लाली, पंजाब के मुख्यमंत्री मनजीत सिंह सिद्धू के पूर्व OSD, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर जोनिता डोडा ने भी सभा को संबोधित किया। इसके अलावा, जगत पंजाबी के प्रेसिडेंट NRI अजायब सिंह चट्ठा और दूसरी हस्तियां भी मौजूद थीं। मंच का संचालन संत सुखजीत सिंह ने किया। पौरापोपण किया गया इससे पहले, संत सीचेवाल ने नाव से आए मुख्य मेहमानों को बेईं की सैर कराई, जिसके बाद गुरुद्वारा गुरप्रकाश साहिब की सीमा में एक पौधा लगाया गया। इस मौके पर संत सुखजीत सिंह, बाबा दीपक सिंह दौधर, बलविंदर सिंह चट्ठा, डॉ. सरविंदर सिंह एसएमओ, सुनील कुमार, संतोख सिंह, मशिंदर सिंह दिल्ली, हरदेव सिंह, बलविंदर सिंह सरूपवाल, गुरनाम सिंह, राम सिंह, बूटा सिंह सरपंच, सरपंच जोगा सिंह, सुरजीत सिंह सैंटी, दर्शन सिंह घोलिया, जीत सिंह, मुख्तियार सिंह, गुरप्रताप सिंह डीडीपीओ, परमजीत सिंह मानसा के अलावा संत अवतार सिंह मेमोरियल सीनियर स्कूल व कॉलेज के बच्चे मौजूद थे।

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