करनाल जिला में गढ़ीभरल पंचायत के देवीपुर गांव में पंचायत विकास कार्यों से जुड़ी आरटीआई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरटीआई एक्टिविस्ट और उसके परिवार ने खुद को असुरक्षित बताते हुए घरौंडा थाना का रुख किया। आरोप है कि गांव के पूर्व सरपंच और उसके साथियों ने घर में घुसकर झगड़ा किया, जान से मारने की धमकी दी और परिवार को डराने की कोशिश की। पीड़ित का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए परिवार बच्चों के साथ थाने में बैठकर सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। आरटीआई से सामने आईं कथित गड़बड़ियां, दबाव बनाने का आरोप
देवीपुर गांव निवासी जितेंद्र कुमार आरटीआई एक्टिविस्ट हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को लेकर आरटीआई मांगी थी। उनका दावा है कि जवाब में कई कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं और करीब साढ़े सात करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के इनपुट मिले हैं। जितेंद्र का कहना है कि वह आरटीआई के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और आगे दोबारा आरटीआई लगाई है, लेकिन जो भी तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। इसी कारण से उन पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि मामला आगे न बढ़े। प्रधानमंत्री के विकास एजेंडे का हवाला, पंचायतों पर दुरुपयोग का आरोप
जितेंद्र कुमार का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकास के रास्ते पर ले जा रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। इसी दुरुपयोग की जानकारी सामने लाने के लिए उन्होंने आरटीआई का सहारा लिया। उनका आरोप है कि आरटीआई मांगने के बाद से ही उन्हें और उनके परिवार को लगातार डराया जा रहा है। उच्च अधिकारियों को भेजी शिकायतें
पीड़ित के अनुसार, आरटीआई से जुड़े तथ्यों के आधार पर उन्होंने करनाल जिला उपायुक्त, एसडीएम घरौंडा और पंचकूला के अधिकारियों को शिकायतें भेजीं। मामला उजागर होने के बाद वर्तमान और पूर्व सरपंच की ओर से दबाव बढ़ा और पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जाने लगा। पीड़ित का कहना है कि जांच न हो, इसलिए धमकियां दी जा रही हैं। शुक्रवार शाम हमले की कोशिश, 11 फरवरी को पत्नी से बदसलूकी का आरोप
जितेंद्र का आरोप है कि शुक्रवार शाम को गांव के पूर्व सरपंच और उसका छोटा भाई उनके घर आए और उन पर हमला करने की कोशिश की। इससे पहले 11 फरवरी को उनकी पत्नी घर पर अकेली थी। उस दिन भी आरोपी घर में घुसे, गाली-गलौच की और पत्नी के साथ बदसलूकी की। इस घटना की शिकायत भी घरौंडा थाने में दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों के साथ थाने पहुंचा परिवार, सुरक्षा की मांग
लगातार मिल रही धमकियों और हमले की कोशिश के बाद जितेंद्र कुमार अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ घरौंडा थाना पहुंचे। उनका कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है, इसलिए पुलिस से सुरक्षा दी जाए। पीड़ित का आरोप है कि यह सब सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि उन्होंने आरटीआई एक्ट के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। पूर्व सरपंच से संपर्क नहीं हो पाया
जब इस मामले में पूर्व सरपंच शौकीन का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर बार-बार कॉल की गई, तो फोन स्विच ऑफ मिला। कई प्रयासों के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका। थाना प्रभारी बोले- शिकायत की जांच जारी
घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि देवीपुर गांव के जितेंद्र कुमार की शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी जांच की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि पूर्व सरपंच उनके घर पर हमला कर रहा है। थाना प्रभारी के अनुसार, पूर्व सरपंच से फोन पर बात की गई है, लेकिन ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। उन्हें थाने में बुलाकर पूरे मामले पर बातचीत की जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए, तो जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार को समझाया गया है कि वे घर जाए, लेकिन परिवार यही पर बैठा है।