करनाल फैक्ट्री ब्लास्ट केस- झुलसे मजदूर की मौत:3 अन्य की हालत गंभीर; पीजीआई में चल रहा इलाज, एक बेटे का पिता था

करनाल जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के कैरवाली गांव में टायर पिघलाकर फर्नेस ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके में झुलसे चार मजदूरों में से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी तीन घायलों का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा 21 फरवरी दोपहर करीब 12 बजे हुआ था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक और घायलों के परिजनों ने सरकार व प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी रामावध के रूप में हुई है। परिवार में पत्नी और 18 वर्षीय बेटा है। जानकारी के अनुसार, कैरवाली गांव स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में टायर पिघलाने का काम चल रहा था। रिएक्टर मशीन में एक बार में 7 से 8 टन टायर डाले जाते हैं और उसे करीब 370 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है। 12 से 14 घंटे बाद जब लोहा, ऑयल और कार्बन निकालने के लिए मुख्य दरवाजा खोला गया, तो गैस और कार्बन के दबाव से तेज धमाका हुआ। आग और कार्बन बाहर निकलने से चारों मजदूर बुरी तरह झुलस गए। चार मजदूर झुलसे, एक की मौत फैक्ट्री में काम करने वाले प्रयागराज के नरायणपुर गांव निवासी मुराली सहानी ने बताया कि वह वर्ष 2018 से इस फैक्ट्री में कार्यरत है। हादसे में उसके चाचा रामावध, साला संजय, ससुर का भाई जनार्धन और गांव का मुकुरधुन झुलस गए। चारों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान रामावध की मौत हो गई। बाकी तीनों का इलाज रोहतक पीजीआई में जारी है। सुरक्षा उपकरण की पहले भी की थी मांग मुराली सहानी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने कई बार कंपनी मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। हर बार आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। आरोप है कि सुरक्षा साधन न होने के कारण ही मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। अस्पतालों में चला इलाज, बयान देने के लिए अनफिट घोषित 21 फरवरी को करीब 1:30 बजे चौकी मंगलौरा इंचार्ज को चार मजदूरों के झुलसने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने संजय, रामावध और जनार्धन को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया। पुलिस ने मेडलाइन अस्पताल करनाल में मुकुरधुन से बयान लेने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे अनफिट बताया। अगले दिन पीजीआई में भी तीनों घायलों को बयान देने के लिए अनफिट घोषित किया गया। परिजनों के बयान पर दर्ज हुआ मुकदमा ट्रॉमा सेंटर के बाहर पीड़ितों के परिजनों के बयान दर्ज किए गए। मुराली सहानी की शिकायत पर कंपनी मालिक राहुल, सुमित और केयरटेकर बलराज के खिलाफ सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। मंगलौरा चौकी इंचार्ज मनजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका सहित हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

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