करनाल में नशा सप्लायर की सजा अंडरगोन:कोर्ट ने जेल में बिताए दिन ही पर्याप्त माने; जुर्माना लगाया, रिहाई के आदेश

करनाल में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने दोषी द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करते हुए आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि तय जुर्माना जमा नहीं किया गया तो उसको दो महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। जाने क्या था पूरा मामला करनाल के शादीपुर गांव के रहने वाले नाजिक को एंटी नारकोटिक सेल करनाल की टीम ने 30 दिसंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर काछवा पुल से अंबेडकर चौक, थ्री चौक होते हुए कॉन्वेंट स्कूल के पास कार्रवाई की थी। डीएसपी की मौजूदगी में तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 30 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी। पुलिस ने मौके से नशीला पदार्थ और बिना नंबर की मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की थी।
कोर्ट ने लगाया 15 हजार रुपए का जुर्माना सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि आरोपी पहले ही कुछ समय जेल में रह चुका है, जिसे अदालत ने सजा में शामिल माना। दोष सिद्ध होने पर अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आदेश में कहा गया कि यदि आरोपी यह राशि जमा कर देता है तो उसे तुरंत रिहा किया जाएगा, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांटेड न हो। जुर्माना नहीं भरा तो दो महीने की और कैद कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। इसके लिए जिला जेल प्रशासन को वारंट जारी कर दिया गया है ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके। फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से यह आदेश 12 फरवरी को जारी किया गया। आदेश में जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को हिरासत में लिया जाए या जुर्माना जमा होने पर उसे रिहा किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि आदेश का पालन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाए।

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