करनाल में मुनक क्षेत्र के गांव गगसीना में भगत सिंह चौक के पास चौपाल में रिटायर्ड फौजी एवं पुलिस के एसएपीओ द्वारा एक युवक को पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। युवक के पिता ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से पिस्तौल तान दी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि चौपाल के सीसीटीवी फुटेज की शुरुआती जांच में पिस्तौल दिखाई नहीं दे रही है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को फुटेज उपलब्ध करवाकर सबूत देने के लिए समय दिया है। चौपाल में गया था युवक, तभी पहुंचा आरोपी गांव गगसीना निवासी कुलदीप ने मुनक थाना में दी शिकायत में बताया कि 4 मार्च को उसका बेटा विकास किसी काम से भगत सिंह चौक के पास स्थित चौपाल में गया हुआ था। इसी दौरान रिटायर्ड फौजी एवं पुलिस में एसपीओ पद पर तैनात अरूण अपनी लाइसेंसी पिस्तौल वहां लेकर आ गया। शिकायत के अनुसार अरूण ने विकास के पास आकर कहा कि उसे उसके भाई को जान से मारना था, लेकिन अब वह सामने है इसलिए उसे ही मार देगा। पिस्तौल दिखाकर किया निशाना, युवक ने भागकर बचाई जान कुलदीप ने आरोप लगाया कि अरूण के पास उसकी लाईसेंसी पिस्तौल थी और उसने विकास की तरफ निशाना भी साधा। यह देखकर विकास घबरा गया और किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्हें यह भी सूचना मिली कि चौपाल में लगे सीसीटीवी कैमरों में हुई रिकॉर्डिंग को नष्ट करने की कोशिश की गई है। पुलिस को दी शिकायत, कैमरों की जांच की मांग कुलदीप ने पुलिस से मांग की है कि चौपाल में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की ठीक से जांच की जाए और मामले में उचित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस घटना के बाद उनके बेटे की जान को खतरा बना हुआ है। एसएचओ बोले- फुटेज में पिस्तौल नजर नहीं आई इस मामले में मुनक थाना के एसएचओ बृजपाल ने बताया कि कुलदीप की ओर से अरूण के खिलाफ शिकायत दी गई है। उन्होंने खुद चौपाल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। एसएचओ के अनुसार फुटेज में फिलहाल पिस्तौल दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि वह फुटेज को क्लियर करवाकर पुलिस को देगा, जिससे पिस्तौल नजर आ सकती है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को सबूत पेश करने के लिए समय दिया है। एसएचओ बृजपाल का कहना है कि यदि जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।