करनाल में पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 महीने का कठोर कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने नाबालिग लड़के से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर कारावास की सजा तय की है। कोर्ट के फैसले के बाद दोषी को जिला जेल करनाल भेजने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-कम-फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट करनाल के न्यायाधीश गुनीत अरोड़ा की अदालत ने सुनाया। मामला 2021 में दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 5 मार्च 2021 में शिकायत दी थी कि उसके 17 वर्षीय बड़े बेटे के साथ आरोपी अंग्रेज बीते एक वर्ष से गलत काम करता आ रहा है। जिसने मेरे लड़के को कहा कि अगर यह बात किसी को बताई तो मैं तुझे खत्म कर दूंगा। जब मेरे लड़के को दिक्कत आई और जोर देकर लड़के से पूछा गया तो उसने सारी आपबीती बता दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया। लड़के का इंद्री के सीएचसी में मेडिकल करवाया गया और पुष्टि होने के बाद 6 मार्च 2021 को आरोपी अंग्रेज को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन यानी 7 मार्च को आरोपी के ब्यान दर्ज किए गए, जिसने कबूल किया कि करीब डेढ़ महीना पहले रात के समय उसने गांव के नाबालिग लड़के के साथ खेतों में बने ट्यूबवैल के कमरे के पीछे पराली जमीन पर बिछाकर अप्राकृतिक संभोग किया था और वह ऐसा करीब डेढ़ साल से करता आ रहा है। वह उसको बहला फुसलाकर ले जाता और गलत काम करता। इसके साथ ही दोषी ने अपने ब्यान में यह भी खुलासा किया था कि वह इसके बदले नाबालिग को पैसे भी देता था। जिसको 10 रुपए दे चुका था। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और सजा की अवधि तय की। अदालत ने गांव चुंदिपुर निवासी अंग्रेज पुत्र पाला राम को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और धमकी देने का दोषी माना। पॉक्सो एक्ट में 20 साल का कठोर कारावास
पीपी अमन कौशिक ने बताया कि कोर्ट ने पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धमकी देने के मामले में अलग सजा
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत भी आरोपी को दोषी ठहराया। इस मामले में उसे 6 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला जेल भेजने का वारंट जारी
फैसले के बाद सेशन कोर्ट की ओर से कारावास भेजने का वारंट जारी किया गया। इस वारंट के तहत जिला जेल करनाल के जेल अधीक्षक को आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल में दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार जुर्माना अभी अदा नहीं किया गया है। न्यायालय का सख्त संदेश
पीपी अमन कौशिक ने बताया कि अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे मामलों में कानून किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। इस फैसले से समाज में यह संदेश गया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा तय है।