करनाल जिले के घरौंडा में एसएचओ द्वारा मेडिकल ऑफिसर के साथ बदसलूकी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विभाग ने एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन मेडिकल एसोसिएशन अभी भी एसएचओ और अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। इसी बीच इस पूरे विवाद से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है, जो घरौंडा पुलिस स्टेशन के अंदर का बताया जा रहा है। करीब 3 मिनट 12 सेकंड के इस वीडियो में एसएचओ और डॉक्टर के बीच बातचीत दिखाई दे रही है, जिसमें डॉक्टर द्वारा लिखित में माफी मांगते हुए भी नजर आ रहे हैं। थाने के अंदर का बताया जा रहा वीडियो
वायरल वीडियो में ग्रीन और ब्लू रंग की चेकदार शर्ट और जींस की पेंट पहने मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत चौहान एसएचओ की टेबल के पास खड़े दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एसएचओ दीपक कुमार वहां आते हैं और डॉक्टर से बातचीत शुरू करते हैं। क्या कुछ है वीडियो में…
वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि ग्रीन और ब्लू कलर की चेकदार शर्ट और जींस की पेंट पहने डा. प्रशांत चौहान एसएचओ की टेबल के पास खड़े है। इस दौरान एसएचओ आते है। एसएचओ: हां, जी डॉक्टर साहब, बताओ क्या कुछ कहना चाह रहे हो? कुर्सी पर बैठकर बताओ।
(इसके बाद डॉक्टर प्रशांत कुर्सी पर बैठ जाते है)
डॉक्टर: मैं माफी मांगता हूं। एसएचओ: नहीं सीएमओ से बात हुई आपकी?
डॉक्टर: नहीं, उनसे नहीं हुई। एसएचओ: उनसे करो ना, मेरे अधिकारी तो कह रहे है, लेकिन आपका अधिकारी तो कोई कह ही नहीं रहा। एक बात बताओ हमारी रूटीन में अगर बात होती थी, ईआरवी भी आती थी, लेकिन मेरे को गाली देने का तो कोई औचित्य नहीं था आपका।
डॉक्टर: नहीं, नहीं, मेरा गाली देने का कोई इंटेंशन नहीं था। मैं सिर्फ रूटीन में ही बातचीत कर रहा था। एसएचओ: चलो आपका इंटेशन नहीं था, या वहां पर कोई नहीं था फिर मैं गाली वाला वर्ड क्यों सुनु।
डॉक्टर: मैं उसके लिए तो माफी मांग रहा हूं। एसएचओ: ये आपको रिटन में देना पड़ेगा।
पुलिसकर्मी: आप लिखकर दे दो कि गलती हो गई है।
डॉक्टर: गलती हो गई है, ये मैं लिखकर दे देता हूं। एसएचओ: हां, और एक वो वर्ड गाली वाला भी लिखकर देना कि गलती हो गई है। वो वार्ड जो आपने बोला था।
डॉक्टर: मेरी इंटेंशन नहीं थी, मैं ऐसा नहीं बोल रहा था। एसएचओ: कोई बात नहीं, मेरे को गाली ही पिंच हुई थी, अब जो भी है वो लिखकर दे दो।
(इसके बाद एसएचओ उन्हें एक पेन और पेपर देता है और डॉक्टर लिखना शुरू करते है।)
डॉक्टर: क्या लिखूं एसएचओ: जो भी आप लिखना चाहते हो वो लिखो। क्योंकि सॉरी आपने फील की है और गाली आपने दी है मेरे को। मैने तो नहीं दी।
(इसके बाद डॉक्टर पत्र लिखने लग जाते है।) पानी पिलाने को भी कहा
वीडियो में एक और दृश्य सामने आता है, जिसमें एसएचओ अपने कर्मचारी से कहते हैं कि उन्हें पानी पिला दे, क्योंकि उनका गला सूख गया है। साथ ही वे कहते हैं कि डॉक्टर साहब को भी पानी पिला दो। इसके बाद एसएचओ डॉक्टर के सामने पानी की छोटी बोतल रखते हैं और कहते हैं कि यह उनका रोज का काम है और अगर आपस में गाली दी जाएगी तो काम नहीं चल पाएगा। इस दौरान डॉक्टर लगातार पत्र लिखने में लगे रहते हैं। मेडिकल एसोसिएशन ने लगाए दबाव के आरोप
उधर इस वीडियो के सामने आने के बाद मेडिकल एसोसिएशन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि यह माफीनामा पुलिस ने दबाव बनाकर लिखवाया है। उनका कहना है कि वीडियो में डॉक्टर के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा है। मेडिकल एसोसिएशन का आरोप है कि डॉक्टर को धमकाया गया और दबाव में उनसे माफी लिखवाई गई। उनका कहना है कि पुलिस इस तरह किसी डॉक्टर से दबाव बनाकर माफीनामा नहीं लिखवा सकती। एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े डॉक्टर
मेडिकल एसोसिएशन ने साफ कहा है कि इस मामले में एसएचओ दीपक कुमार और अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। उनका कहना है कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। डॉक्टरों का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी अधिकारी के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो।