कांग्रेस नेता को ₹78 करोड़ बिजली बिल भेजा:नारनौल में मैसेज देख उड़े होश; बोले- मेरी एक चक्की, बिल्ड यूनिट 9.99 करोड़ दर्शाई

हरियाणा के नारनौल में बिजली निगम ने यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान के घर का 78 करोड़ 92 लाख रुपए का बिजली बिल भेज दिया। इस बिल का मैसेज उनके मोबाइल पर आया, जिसे देखने के बाद उनके होश उड़ गए। सबसे खास बात यह है कि निगम की ओर से जारी बिल में अप्रैल 2026 की बिलिंग अवधि दिखाई गई है, जबकि मीटर रीडिंग मात्र 6 दिनों की बताई गई है। बिल में बिल्ड यूनिट्स 9,99,99,429 दर्शाई गई है, जो किसी भी उपभोक्ता के लिए असंभव जैसा है। मैसेज आने के बाद वे तुरंत दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के दफ्तर पहुंचे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह बिल जानबूझकर भेज गया है। उनकी एक छोटी से आटा चक्की है, जो 2 साल से बंद पड़ी है। उधर, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बिल में हुई गड़बड़ी को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। यूथ कांग्रेस नेता का बिजली बिल यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…
जांच के बाद होगा ठीक बिल बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और बिल में हुई गड़बड़ी को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होने के बाद आवश्यक सुधार किया जाएगा। एंट्री में तकनीकी गड़बड़ी का शक प्रारंभिक तौर पर यह मामला सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री में हुई मानवीय गलती हो सकती है। हालांकि अभी तक विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में निगम बिल को रद्द कर संशोधित बिल जारी करता है, लेकिन इतने बड़े आंकड़े के सार्वजनिक होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें…. हरियाणा में ₹1.45 करोड़ बिजली बिल देख हार्ट अटैक आया:परिवार बोला- अफसरों ने कहा, अनिल विज को बताओ; SDO बोले-गलती हुई हरियाणा के करनाल में बिजली निगम की गलती एक परिवार पर भारी पड़ गई है। बकाया बिल पर कनेक्शन काटे जाने से परेशान परिवार को अब 1.45 करोड़ का बिल थमा दिया गया। परिवार इसे ठीक कराने निगम दफ्तर पहुंचा तो वहां अफसरों ने बिजली मंत्री अनिल विज के पास जाने की सलाह दी। अधिकारियों ने उन्हें कहा कि मंत्री के पास कुछ हल निकला तो ठीक, वर्ना कोई उम्मीद नहीं। (पूरी खबर पढ़ें)

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