कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पोस्ट में लिखा- यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है। पीएम मोदी हमारे 3 सवालों सामने आकर जवाब दें। खेड़ा ने लिखा- अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन को मानव तस्करी, नाबालिगों के यौन शोषण और बलात्कार का दोषी ठहराया है, वो लिखता है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी सलाह मानी। अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। कुछ हफ्ते पहले उनकी मुलाकात हुई थी और यह काम कर गया। खेड़ा ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की लिंक शेयर करते हुए लिखा है कि भारत के पीएम का ऐसे बदनाम व्यक्ति के इतने करीब होना उनके फैसलों, पारदर्शिता और कूटनीतिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब यह साफ है कि पीएम का एपस्टिन के साथ सीधा संबंध रहा है, जिसकी अब तक कोई साफ वजह सामने नहीं आई है। अब देखिए खेड़ा की पोस्ट में शेयर इमेज… खेड़ा ने कहा- पीएम 3 सवालों के जवाब दें खेड़ा ने लिखा है कि एपस्टीन की बदनाम ‘एलीट लोगों की सूची’ सामने आने के बाद से दुनिया भर में लगातार विवाद चल रहा है। एपस्टीन और पीएम मोदी के बीच यह संबंध देश की इज्जत और अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसलिए प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर तत्काल जवाब देना चाहिए। पहला: प्रधानमंत्री जेफरी एपस्टीन से किस बात की सलाह ले रहे थे? दूसरा: अमेरिका के राष्ट्रपति के ‘फायदे’ के लिए इजराइल में नाचने-गाने से क्या मतलब था? तीसरा: जब संदेश में लिखा गया- यह काम कर गया, तो आखिर कौन-सा काम सफल हुआ? मोदी 2017 में 4-6 जुलाई तक इजराइल के दौरे पर थे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 से 6 जुलाई 2017 तक इजराइल के दौरे पर गए थे। यह दौरा इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बुलावे पर हुआ था। यह पहली बार था जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजराइल गया था। दौरे के दौरान मोदी ने नेतन्याहू से दोनों देशों के रिश्तों और सहयोग पर बात की थी। उन्होंने राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन से भी मुलाकात की थी। उन्होंने हाइफा में भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी और तेल अवीव में भारतीय समुदाय को संबोधित किया था। यह यात्रा भारत-इजराइल संबंध मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी गई थी। जानिए क्या है एपस्टीन केस की पूरी कहानी इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर ‘#MeToo’ लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। एपस्टीन की गिरफ्तारी, जेल में ही मौत एपस्टीन के खिलाफ दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में 6 जुलाई 2019 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन को फिर से सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया। 23 जुलाई को उसे सेल में बेहोश पाया गया। उसके गले पर निशान थे। माना गया कि किसी ने उसकी जान लेने की कोशिश की थी। इसके बाद उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई, लेकिन जल्द ही हटा दी गई। 10 अगस्त 2019 को उसी हाई-सिक्योरिटी जेल में एपस्टीन मरा हुआ मिला। आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की, लेकिन कई मेडिकल और कानूनी एक्सपर्ट्स ने इस पर सवाल उठाए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया कि एपस्टीन की गर्दन की कुछ हड्डियां टूटी हुई थीं। ये चोटें आमतौर पर गला घोंटने से जुड़ी होती हैं, आत्महत्या से नहीं। जिस दिन एपस्टीन की मौत हुई, उस दिन उसकी सेल के बाहर लगे सुरक्षा कैमरे काम नहीं कर रहे थे और फुटेज गायब हो गए थे। चूंकि एपस्टीन की क्लाइंट लिस्ट में बड़े-बड़े नाम शामिल थे। ऐसे में माना गया कि राज खुलने के डर से उसकी हत्या कराई गई है। एपस्टीन की मौत के बाद FBI और जस्टिस डिपार्टमेंट ने इसकी जांच शुरू की। ……………… एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… नाबालिग लड़कियों का रोजाना रेप करता था एपस्टीन: सेक्स फाइल्स में खुलासा; जमीन पर लेटी महिला के साथ दिखे ब्रिटिश प्रिंस, मस्क-मीरा नायर का भी नाम अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी की देर रात जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़ी नई फाइलें जारी की हैं। इन दस्तावेजों में बताया गया है कि एपस्टीन नाबालिग लड़कियों का रोज कई बार यौन शोषण करता था।डेली मेल के मुताबिक यह खुलासा 2010 में फ्लोरिडा में एक पीड़िता की तरफ से दायर सिविल शिकायत में हुआ है, जिसका जिक्र इन फाइल्स में है। पूरी खबर पढ़ें…