कुरुक्षेत्र की अनाज मंडियों में पहुंचे कृषि मंत्री:बोले-मंडी गेट पर ही कटेंगे पास; किसानों के खाते में सीधा पहुंच रहा पैसा

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को कुरुक्षेत्र की थानेसर और पिपली की अनाज मंडियों का दौरा किया। उन्होंने मंडी की व्यवस्था का जायजा लिया। कृषि मंत्री ने आढ़ती, किसान और मजदूरों को सीजन में कोई परेशानी नहीं आने देने का भरोसा दिया। गेट पास, वजन और अन्य तरह की व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि ये छोटा सा सीजन है, लेकिन पूरे साल का खर्चा इसी में होता है। किसान और मजदूर सब इसी समय अनाज इकट्ठा करके खर्चा संभालते हैं। देश में अनाज का स्टॉक भी इसी सीजन में पूरा होता है। हम दुनिया में सबसे ज्यादा चावल और गेहूं का उत्पादन करते हैं। मंत्री व्यवस्था में हुआ सुधार- श्याम सिंह राणा मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों की तुलना में अब काफी सुधार हुआ है। BJP सरकार में किसान के खाते के अंदर खुद पैसा पहुंच जाता है। शुरू में कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन अब योजना बहुत अच्छी चल रही है। पहले तो इसका खूब विरोध हुआ था और अब फायदा हो रहा है। मंडी गेट पर ही कटेगा गेट पास गेट पास और एंट्री की नई व्यवस्था पर कृषि मंंत्री ने किसानों की शिकायतों का जिक्र किया। उन्होंने साफ कहा कि अब गेट पास सिर्फ मंडी के गेट पर ही कटेगा। बाहर कहीं नहीं कटेगा। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गेट पास लगाकर किसान आढ़ती की दुकान पर आ जाएगा। वहां साफ-सफाई, बोली और वजन सब हो जाएगा। कोई दिक्कत नहीं होगी। शुद्धि बहुत जरूरी ट्रैक्टर पर नंबर न होने की समस्या पर मंत्री ने कहा कि किसान कहते थे ट्रेक्टर का नंबर नहीं है तो क्या करें? हमने समझाया कि पुराना आरसी से नंबर लिख लो। अगर ट्रैक्टर चोरी हो गया तो होने पर थाने में केस दर्ज करेंगे तो वहां भी नंबर मांगेंगे। हम तो मोबाइल नंबर लेकर काम चला देंगे, लेकिन असली दिक्कत किसान को होगी। इसलिए ये शुद्धि जरूरी है। एरिया वेरिफिकेशन करेंगे मंत्री ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में 80 से 95 प्रतिशत वेरिफिकेशन हो चुका है। फिर भी अगर कोई किसान बिना वेरिफाई के ट्रॉली लेकर आ जाए तो उसका नाम और गांव का लिख लिया जाएगा। दो मिनट में वेरिफाई करके गेट पास दे दिया जाएगा। कोई किसान वापस नहीं जाएगा। वेरिफिकेशन तहसीलदार से करवाएंगे। बयान पर कायम कृषि मंत्री कृषि मंत्री बारिश से 2 क्विंटल पैदावार बढ़ने के बयान पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी ने एक बात कही, कि जिस विषय के बारे में जानकारी हो, तो बात करने का फायदा। अगर जानकारी न हो, फिर तो वाद-विवाद है। बुजुर्ग कहते थे- सीधी बारिश फायदे की, आंधी-तूफान वाली बारिश नुकसान करती है। सीधी बारिश का कोई नुकसान नहीं उन्होंने कहा कि सीधी बारिश का कभी नुकसान नहीं होता है। ये बातें तो बुजुर्ग कहते आए हैं। पिछली बार सरकार ने सूखे के दो-दो हजार रुपए दिए थे, क्योंकि बारिश नहीं पड़ी थी। सूखे में अकाल पड़ता है और बारिश में दाने (अनाज) होता है। बारिश के लिए लोग हवन और तप तक करते हैं। हम घी खाते हैं, ज्यादा खाया तो नुकसान होगा।

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