हरियाणा कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों और आढ़तियों से सीधे मुलाकात की। साथ ही उनकी समस्याएं भी सुनी। इस दौरान कुछ किसानों ने गेट पास नहीं कटने और धान की पेमेंट अटकने के आरोप लगाए। हुड्डा ने अधिकारियों से बातचीत करके 2 दिन में पेमेंट करने के निर्देश दिए। इस दौरान हुड्डा भाजपा सरकार पर फसल खरीद के नाम पर घोटाला करने का आरोप लगाया। हुड्डा ने आरोप लगाया कि धान और आलू घोटाले के बाद सरकार किसानों पर फसल खरीद में बेवजह की शर्ते लगाकर गेहूं घोटाला करना चाहती है। किसान के साथ अपराधियों जैसा सलूक मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि सरकार गेहूं की खरीद करने के बजाय किसानों पर एक के बाद एक अजीबोगरीब शर्तें थोप रही है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, गेट पास, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, ट्रैक्टर नंबर की फोटो और गारंटर मांगे जा रहे हैं, जैसे किसान कोई अपराधी हो। किसानों को जानबूझ कर फंसाया जा रहा है। धान की पेमेंट भी अब तक अटकी हुड्डा ने पिपली मंडी के आंकड़े भी दिए। उन्होंने बताया कि इस मंडी में करीब 27 हजार क्विंटल फसल की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक सिर्फ 630 क्विंटल की ही लिफ्टिंग हुई है, उसकी भी पेमेंट नहीं हो पाई। इस पेमेंट के अलावा 95 किसानों का पिछले साल का धान का पैसा अभी तक अटका पड़ा है। फालतू अडंगे खत्म करे सरकार हुड्डा ने कहा कि मैं पोर्टल के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन इसी मंडी में किसानों को आलू सिर्फ 50 पैसे प्रति किलो में बेचना पड़ा, जबकि बाहर बाजार में रेट कहीं ज्यादा था। आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इतने अड़ंगे लगा रही है ताकि किसान मजबूरी में औने-पौने दाम में अपनी फसल बेच दें और सरकार एमएसपी पर खरीद दिखाकर घोटाला कर सके। स्टेट सरकार दे बोनस हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भी फसल खरीद होती थी, लेकिन किसानों को कभी ऐसी परेशानी नहीं हुई, उनके समय में सरकार ने किसानों को बोनस दिया। केंद्र सरकार से पहले राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि ओलावृष्टि और बारिश से खराब फसल का मुआवजा दे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना विफला है, इससे सिर्फ कंपनी को फायदा होता है। दुष्यंत चौटाला का कोई आधार नहीं जब हुड्डा से दुष्यंत चौटाला के आरोप (सीबीआई से राहत मिलना राज्यसभा चुनाव का उपहार?) के बारे में पूछा गया, तो वे सख्त हो गए। हुड्डा ने कहा, “उनका कोई आधार नहीं है। जिनका कोई आधार नहीं होता, मैं उनको जवाब नहीं देना चाहता। दुष्यंत चौटाला पहले गिरेबान में झांक कर देखे। साथ ही कृषि मंत्री के बारिश से 2 क्विंटल झाड़ बढ़ने के बयान को बेतुका करार दिया।