कुरुक्षेत्र जिले में जिंदल चौक के पास हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के बैनर तले तीन दिनों से चल रहा महापड़ाव आज बुधवार को खत्म हो गया। किसान नेताओं ने खुद इसका ऐलान किया। किसानों ने उनके बीच पहुंचे ADC को ज्ञापन सौंपा। अब 26 मार्च को चंडीगढ़ में किसान कन्वेंशन कर राज्यपाल को ज्ञापन देंगे। ये महापड़ाव मुख्यमंत्री आवास के बाहर 23 फरवरी से शुरू हुआ था। इसमें 10 किसान संगठन शामिल रहे। इसकी मुख्य बातें रही कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को पूरी तरह रद्द किया जाए। MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, फसल नुकसान का मुआवजा, धान घोटाले की जांच और अन्य मुद्दे शामिल रहे। सड़क पर गाड़ा तंबू तीन दिनों तक किसान सड़क पर ही डटे रहे। पुलिस ने उन्हें सीएम आवास के बहुत करीब नहीं जाने दिया, इसलिए जिंदल चौक के पास बैरिकेड्स के सामने ही धरना चलता रहा। इस दौरान किसानों ने नारे लगाए, जुलूस निकालकर अपना विरोध जताया। अब महापड़ाव खत्म होने के बाद किसान अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। ADC को सौंपा ज्ञापन आज महापड़ाव खत्म करने से पहले किसानों ने अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) विवेक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अपनी सभी मांगों को दोहराया और सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील की। किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उम्मीद है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को वापस लेगी। बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भारतीय किसान यूनियन पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वडै़च ने कहा कि अगर डील रद्द नहीं हुई, तो प्रदेशभर में बहुत बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। 26 मार्च को चंडीगढ़ में किसान कन्वेंशन करेंगे। इसमें सभी किसान संगठन इकट्ठा होंगे और राज्यपाल को ज्ञापन देंगे। जल्द ही इस कन्वेंशन को लेकर रणनीति भी बनाई जाएगी। सरकार तक भेजी जाएंगी किसानों की मांगें ADC विवेक आर्य ने बताया कि किसान संगठनों की ओर से 14 डिमांड रखी गई हैं। इन सभी मांगों को सरकार के पास भेज दिया जाएगा। इसके अलावा धान घोटाले की जांच जिला प्रशासन पहले ही करवा रहा है। जल्द ही इसकी इनक्वायरी की रिपोर्ट आएगी। अगर घोटाला हुआ तो उसमें कारवाई की जाएगी।