हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) दो-फाड़ हो चुकी है। कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने आज बुधवार को कुरुक्षेत्र में होने वाला इजलास रद्द कर दिया। अब 24 फरवरी को कैथल जिले के नीम साहिब गुरुद्वारे में अपने गुट के 36 मेंबर्स के साथ मीटिंग करने का दावा किया। उधर, 20 फरवरी को चंडीगढ़ में हरियाणा सिख ज्यूडिशरी आयोग में सुनवाई होनी है। इस पर झींडा और पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल दोनों गुट की नजरें टिकी हैं। पिछले महीने कमेटी ने अपना करीब 104 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पास किया था। इस पर आपत्ति करते हुए दादूवाल ने आयोग में शिकायत डाली थी। कोरम पूरा नहीं होने का लगा आरोप दादूवाल ने कमेटी के प्रधान झींडा पर बगैर कोरम पूरा किए ही बजट पास करने का आरोप लगाया था। दादूवाल ने बजट पास करने में कोरम यानी ⅔ की मेजॉरिटी नहीं होने का आरोप लगाया था। आरोप लगाया कि झींडा पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई पदाधिकारियों पर दबाव बनाकर साइन करवाए। इस पर आयोग ने कमेटी के बजट पर रोक लगाई। 36 मेंबर्स के समर्थन का दावा प्रधान झींडा ने मीडिया से बातचीत में पिपली रेस्ट हाउस में कहा कि 20 फरवरी को आयोग की सुनवाई होगी। इसलिए इजलास रद्द किया गया है। मेंबर्स आयोग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। दावा किया कि उनके पास 36 मेंबर्स का समर्थन है। कमेटी में कुल 40 मेंबर्स हैं। उनके पास पूरा बहुमत है। 24 फरवरी को होनी वाली मीटिंग में बड़ा फैसला लेंगे। पहले 2 बार रद्द हुआ इजलास इससे पहले 10 फरवरी को इजलास रखा गया था। लेकिन उस दिन भी इजलास को रद्द कर दिया गया था। अब झींडा गुट का बहुमत जुटाने की कोशिश में लगा है। झींडा का दावा है कि इस मीटिंग में गुरुद्वारों की प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। जरूरत पड़ी तो बड़ा ऐलान भी किया जाएगा। दादूवाल पर फंड इकट्ठा करने के आरोप बजट मीटिंग के बाद कमेटी के प्रधान झींडा ने बलजीत सिंह दादूवाल पर खुद को चेयरमैन बताते हुए संगत से फंड इकट्ठा करने के आरोप लगाए थे। झींडा ने चेतावनी दी थी कि दादूवाल को यह फंड कमेटी में जमा करवाना होगा, वरना उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दादूवाल सेवा के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे हैं।