केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा नेता अमित शाह मार्च में पंजाब दौरा करेंगे। मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक 14 मार्च को उनका दौरा तय हो गया है। मोगा में एक रैली को संबोधित करेंगे। इसी रैली से बीजेपी अपनी 2027 चुनावी मुहिम का आगाज करेगी। इसके लिए बीजेपी की तरफ से तैयारियां की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि पार्टी 14 मार्च को अमित शाह रैली करेंगे। “आओ मिलजुल कर बदलें पंजाब, सुखी रहे हमारा पंजाब” नाम से रैली करने जा रही है। यह रैली ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब पंजाब की मौजूदा सरकार के 16 मार्च 2026 को चार साल पूरे होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जब इन चार सालों का राजनीतिक आकलन होगा, तो इसे पंजाब की त्रासदी के रूप में याद किया जाएगा और मतदाताओं को खुद को ठगा हुआ महसूस होगा। विपक्ष नहीं अब तो खुद के सांसद सवाल उठे रहे अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदहाल है। नशा, माइनिंग माफिया और भ्रष्टाचार बेलगाम हो चुके हैं। शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। पंजाब रोडवेज घाटे में चल रही है और कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी कि चार साल के भीतर बेअदबी के दोषियों को सजा दिलाती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विपक्ष का काम सवाल उठाना होता है, लेकिन जब उनके ही सांसद विधायकों की माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाते हैं, तो स्थिति खुद बहुत कुछ बयां कर देती है। सरकार बनाने से पहले अरविंद केजरीवाल ने हर फसल पर एमएसपी देने का वादा किया था, जबकि वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा गेहूं और धान पर एमएसपी दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इसमें भी कटौती कर देती है। अश्वनी शर्मा ने कहा कि व्यापारी वर्ग टैक्स वसूली और फिरौती की घटनाओं से परेशान है। यहां तक कि छोटे करियाना दुकानदारों से भी फिरौती मांगी जा रही है। पंजाब पुलिस निसहाय नजर आ रही पंजाब पुलिस की स्थिति पर चिंता जताते हुए अश्वनी शर्मा ने कहा कि जिस पुलिस ने आतंकवाद का मुकाबला किया, आज उसी पुलिस के सामने राज्य में गैंगस्टर सरेआम गोलियां चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद जो गैंगस्टरों का दौर शुरू हुआ, वह अब आपके सरपंचों तक पहुंच गया है। उनका आरोप है कि पंजाब पुलिस दिल्ली के नेतृत्व और मुख्यमंत्री के दबाव में निस्सहाय नजर आ रही है। गैंगस्टरों और अपराधियों का मुकाबला करने के बजाय पुलिस को राजनीतिक बदले की भावना में व्यस्त कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में भारतीय जनता पार्टी को एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है और पार्टी पंजाब की जनता की सेवा तथा राज्य में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले फरवरी में चल रही थी प्लानिंग
पहले अमित शाह की रैली पार्टी द्वारा इसी महीने फरवरी में फाइनल की जा रही थी। लेकिन ठंड और अन्य चीजों को ध्यान में रखकर इस प्लान में बदलाव किया गया था। क्योंकि धुंध ज्यादा पड़ रही थी। ऐसे में लोगों को पहुंचने में दिक्कत आ सकती थी। जिसके बाद इसे टाल दिया गया था। वहीं, अब तारीख फाइनल करने की है। इस रैली को 2027 चुनाव का शंखनाद माना जा रहा है। इसके बाद पंजाब में चुनव का माहौल गर्मा जाएगा।
गांव किल्ली चाहलां में रैली का क्या महत्व यह रैली मोगा का गांव किल्ली चाहलां में होनी है। आधिकारिक तौर पर जगराओं का गांव काउके कलां पंजाब का सेंटर पॉइंट बन जाता है, लेकिन उसके नजदीक व हाईवे से कनेक्टिविटी के कारण मोगा के गांव किल्ली चाहलां को सेंटर पॉइंट के तौर पर देखा जाता है। यहां तीनों एरिया माझा-मालवा और दोआबा के रोड मिलते हैं। इससे लोगों का यहां पहुंचना बाकी जगह से आसान है। पंजाब के किसी भी कोने से यहां से अप-डाउन आसान होता है। यह सेंटर पॉइंट होने से यह माना जाता है कि यहां की रैली सबसे ज्यादा भीड़ वाली होगी। यहां आने वाले लोगों की संख्या से राजनीतिक दल भांपते हैं कि सरकार बनेगी या नहीं। यही कारण है कि अकाली दल, भाजपा, कांग्रेस और AAP सबकी पसंद मोगा है। मोगा जिले में होने वाली किसी भी पार्टी या दल की रैली सीधे 18 सीटों तक प्रभाव पहुंचाती है। एक फरवरी को पीएम पहुंचे थे पंजाब इससे पहले एक फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब आए थे। वह संसद में बजट पेश होने के बाद सीधे जालंधर स्थित डेरा बल्ला पहुंचे थे। इस दौरान गुरु रविदास जयंती थी। इस दौरान उन्होंने वहां से संगत को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने बजट में जो फैसले लिए थे। उसे भी स्टेज भी गिनाया था।