केशव बोले- अखिलेश पूर्व सीएम थे, पूर्व ही रहेंगे:सपा MLC भड़के, कहा-15 मार्च 2027 को अखिलेश सदन में बतौर सीएम होंगे

यूपी विधानसभा के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। विधानसभा के बाद अब विधान परिषद में भी अधिकारियों द्वारा विधायकों का फोन नहीं उठाने का मामला उठाया गया। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि डीएम फोन नहीं उठाते, जबकि उनके अर्दली फोन रिसीव कर बहस करने लगते हैं। इस पर एक अन्य एमएलसी उमेश द्विवेदी का भी दर्द झलक उठा। उन्होंने कहा कि उन्होंने पांच बार फोन किया, लेकिन हर बार बताया गया कि मैडम व्यस्त हैं। जासमीर अंसारी ने कहा कि विपक्ष की बात तो अलग है, हमारे यहां तीन विधायकों और एक मंत्री को अधिकारियों के खिलाफ धरना देना पड़ा। सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि जब उन्होंने बिजली विभाग के एमडी को फोन किया तो पीआरओ ने खुद को एमडी बताकर बात की। शक होने पर पूछने पर बताया गया कि एमडी साहब से बात नहीं हो सकती। डिप्टी सीएम ने कहा- वह स्वयं अधिकारियों को फोन कर बात करेंगे। इसके पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव हमारे पूर्व मुख्यमंत्री हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ही रहेंगे। वहीं, आशुतोष सिन्हा ने अखिलेश की सुरक्षा कर्मियों की सूची मांगी तो सभापति ने टिप्पणी करते हुए कहा-क्या आप अटेंडेंस लेंगे? भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के सवाल का जवाब देने के दौरान संबंधित मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। सभापति ने दो बार उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का नाम पुकारा। मंत्री की अनुपस्थिति में केशव मौर्य ने लिखित जवाब पढ़ा। जब मंत्री पहुंचे और आगरा से सीधे आने की बात कही तो सभापति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता। उधर, विधानसभा में विधायक रागिनी सोनकर ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निकाले जाने का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि किसी भी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा। महंगाई के मुद्दे पर सपा विधायक आशु मलिक कविता पढ़ने लगे, जिस पर स्पीकर सतीश महाना ने टोकते हुए कहा-प्रश्न पूछिए, सदन में कुछ भी मत बोलिए। शुक्रवार को विधानसभा में क्या-क्या हो रहा? जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *