कैथल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोंगल गांव स्थित सिद्ध बाबा मुकुट नाथ मठ में पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनका सोभाग्य है कि उनको बाबा मुकुट नाथ के दर्शन करने का अवसर मिला। जीते जी तो सम्मान देना ही है, गुरुओं को बाद में भी सम्मान देना चाहिए। पंजाब और हरियाणा में संतों की काफी लंबी परंपरा सिकंदर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गुरुओं के सामने तो सिकंदर जैसे विजेताओं को भी नतमस्तक होना पड़ा। भारत में संतों की परंपरा रही है कि उन्होंने अपने आपको राष्ट्र के प्रति समर्पित किया है। संतों हर जगह सम्मान किया जाता है। पंजाब और हरियाणा में तो संतों की काफी लंबी परंपरा रही है। संत शक्ति जागरूक होगी तो कोई भी ताकत देश धर्म को झुका नहीं सकती। जो लोग देश हित में काम कर रहे हैं, उनका समर्थन करना चाहिए। पहले किसी सरकार ने आस्था के बारे में नहीं सोचा- आदित्यनाथ योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, हर व्यक्ति चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो। 500 वर्ष पहले एक विदेशी ने अयोध्या में राम मंदिर को क्षतिग्रस्त किया था। अब भाजपा ने मंदिर बनाया। पहले किसी सरकार ने आस्था के बारे में नहीं सोचा। जो लोग भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, उनको देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत में नशे का कारोबार करने के प्रयास कर रहा है, लेकिन हमें नशे के खिलाफ आंदोलन करना होगा। धर्मसभाओं के माध्यम से नशे के खिलाफ आवाजी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है, लेकिन भारत अपने विकास की गाथा लिख रहा है। कुछ ऐसे लोग जिनको जनता बाहर का रास्ता दिखा चुकी है, वे अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर सनातन सुरक्षित रहेगा तो देश सुरक्षित रहेगा। 1600 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल इस दौरान महंत पीरशेरनाथ ने बताया कि सिद्ध बाबा मुकुट नाथ मठ क्षेत्र का एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो लगभग 1600 से 1700 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह स्थान सिद्ध पुरुष बाबा मुकुट नाथ की तपस्थली माना जाता है, जहां उनकी स्मृति में निरंतर ज्योति प्रज्वलित रहती है। मठ परिसर में अब तक के 17 महंतों की समाधियां स्थित हैं, जिनकी प्रतिदिन पारंपरिक तरीके से गाय के गोबर से लिपाई की जाती है। यहां एक प्राचीन धूना भी लगातार प्रज्ज्वलित रहता है और यह डेरा नाथ संप्रदाय की धर्मनाथ परंपरा से जुड़ा हुआ है। आठ मान के भंडारे मठ में समय-समय पर धार्मिक आयोजन और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख आयोजन ‘आठ मान का भंडारा’ है, जिसमें आठ मठ सोंगल, अबोहर, कोथ, रायसन, पिहोवा, उझाणा, धनौरी और हीरों कलां (पंजाब) के संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार आयोजित विशाल भंडारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान संत-महात्माओं का संबोधन और मठ परिसर में पूजा-अर्चना की गई। प्रशासन ने की सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस बल को मठ परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए गए।