कैथल शहर के गांव हरीगढ़ किंगन में चार आरोपियों ने एक कबड्डी खिलाड़ी पर डंडे और लाठियों से हमला कर दिया। खिलाड़ी गांव के खेल मैदान में बच्चों को खेल की प्रैक्टिस करवा रहा था। इस संबंध में खिलाड़ी ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। खिलाड़ी ने वीडियो जारी किया इस संबंध में खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया है। गांव हरीगढ किंगन निवासी अरवीन्द्र सिंह ने चीका थाना में दी शिकायत में बताया कि कबड्डी का प्लेयर है। वह अपने गांव हरीगढ़ किगन में बच्चों को कबड्डी की प्रैक्टिस करवाता है और खुद करता है। 26 फरवरी को शाम करीब 5:30 बजे वे अपने ग्राउंड का रास्ता साफ कर रहे थे कि मलकीत व अमन ने उनको अपशब्द कहते हुए उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उनको डंडे व लाठियों से पीटा और मौके से भाग गए। रात को फिर आकर दी धमकी रात को करीब 8 बजे पर दोबारा से बलकार व लाभा हथियारों सहित आकर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने अपने घर का अन्दर से दरवाजा बन्द कर लिया और डायल 112 पर कॉल की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनकी जान बचाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस चीका थाना एसएचओ अमन कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि यह खिलाड़ी करीब एक साल पहले पूर्व डिप्टी CM और JJP नेता दुष्यंत चौटाला से बहस करते नजर आया था। उसके बाद उस पर हमला भी हुआ। उसके बाद आरोप लगा था कि यह कबड्डी प्लेयर शराब पीकर JJP कार्यकर्ता के घर के बाहर गाली-गलौज कर रहा था। महिलाओं को अपशब्द कह रहा था, जिसके बाद मारपीट हुई है। काला का कहना था कि दुष्यंत के सामने हमने नारेबाजी की तो प्रोग्राम कैंसिल हो गया। प्रोग्राम कैंसिल होने के बाद उन्होंने (JJP कार्यकर्ताओं) कहा कि इसे तो देख लेंगे। अगले दिन रात को 10 बजे JJP वर्कर ने हमें फोन किया और कहा कि मिलना है, बात करनी है। फोन पर बुलाने के बाद हम पहुंचे तो उन्होंने धमकी दी। फिर कुछ लोग हथियार लेकर आ गए। कुछ के हाथ में डंडे थे, कुछ के हाथ में तलवार थी। 4-5 लोगों को तो हम जानते भी नहीं हैं। बाकी 3 लोगों को हम जानते हैं। हमारी उनसे कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। पूर्व डिप्टी CM के खिलाफ हमने जो आवाज उठाई है, उसका अंजाम मुझे भुगतना पड़ा है।