कैथल में रिश्वत केस में चीका के पूर्व SHO बरी:5 हजार रुपए लेने का था आरोप, तथ्य नहीं जुटा पाई टीम

कैथल शहर में फरवरी 2022 में पांच हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर जयवीर शर्मा और उनके एक सहयोगी को न्यायपालिका ने दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एसीबी द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने पर दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया। एसीबी द्वारा पेश किए गए चालान में आरोप लगाया गया था कि इंस्पेक्टर जयवीर ने रिश्वत के तौर पर लिए गए 5 हजार रुपये अपने सहयोगी को दे दिए थे, जो पैसे लेकर वहां से भाग गया और बाद में भाखड़ा नहर के पास जाकर उन्हें जला दिया। हालांकि सुनवाई के दौरान एसीबी उस स्थान का नक्शा भी कोर्ट में पेश नहीं कर पाई और न ही नोटों की राख या कोई अन्य सबूत बरामद हो सका। ऐसे में दोनों को बरी कर दिया गया। तथ्य नहीं मिले पूरे एसीबी ने चीका थाना में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पेश करने का दावा किया था, लेकिन वह फुटेज भी कोर्ट में नहीं चल पाई। शिकायतकर्ता चांद राम द्वारा लगाया गया आरोप था कि एसएचओ जयवीर ने उसके खिलाफ थाने में आई शिकायत के निपटारे के बदले रिश्वत मांगी थी, लेकिन जांच के दौरान एसीबी को वह शिकायत ही थाने के रिकॉर्ड में नहीं मिली। जिस मोबाइल में रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग की बात कही गई, जांच एजेंसी उसे भी बरामद नहीं कर पाई। इंस्पेक्टर जयवीर के वकील जनक राज ने बताया कि यदि जयवीर चाहे, तो वह शिकायतकर्ता तथा एसीबी अधिकारियों के खिलाफ हर्जाने (कंपनसेशन) का मामला भी कोर्ट में दायर कर सकते हैं, इसकी अनुमति है। यहां जानिए पूरा मामला बता दें कि 2 फरवरी 2022 को हरियाणा स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो ने चीका थाना के तत्कालीन एसएचओ जयवीर शर्मा के खिलाफ मिली रिश्वत की शिकायत पर पुलिस थाने में रेड की थी। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने चीका के पूर्व पार्षद प्रतिनिधि चांद राम से उसके खिलाफ आई शिकायत के निपटारे के बदले 5 हजार रुपए रुपए मांगे थे। टीम ने छापा मारकर जयवीर शर्मा को पकड़ लिया था। कार्रवाई के दौरान जयवीर के हाथों पर केमिकल का रंग तो पाया गया, लेकिन रिश्वत की राशि नहीं मिली। इसके बावजूद जयवीर को गिरफ्तार कर लिया। लगातार तीन बार उसका रिमांड भी लिया, लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाए। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है।

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