चंडीगढ़। जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जॉइंट डायरेक्टर रवि तिवारी का चेन्नई ट्रांसफर कर दिया है। यह वही अफसर हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को विदेशों में संपत्ति के मामले में समन जारी किया था और 13 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। इससे केंद्र सरकार की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एजेंसियों का राजनीतिकरण हो रहा : डॉ.चीमा पूर्व मंत्री और शिअद के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि ईडी के अधिकारी का यह तबादला होने से साफ है कि भाजपा जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण करने में लगी है। जिसको अपनी मर्जी से इस्तेमाल कर रही है। मजीठिया से पूछताछ करने वाले अधिकारी का भी हुआ था ट्रांसफर पूर्व मंत्री और शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया को कई साल पहले पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निरंजन सिंह ने ड्रग मामले में पूछताछ के लिए समन किया था। इसमें उनका तबादला कर दिया था, लेकिन कोर्ट में याचिका लगा आदेश पर स्टे ले लिया था। पूछताछ को बुलाया और तबादला कर दिया: परगट विधायक परगट सिंह ने कहा ईडी जैसी संस्थाएं केंद्र की मुहरें हैं। ईडी के अधिकारी द्वारा कैप्टन व उनके बेटे को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया और उसी अधिकारी का अब तबादला कर दिया गया। यह सब उन दोनों को बचाने के लिए केंद्र सरकार की रणनीति है।