पंजाब के पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस में शामिल होने के ऑफर के बाद सियासी हलचल मची हुई है। चुनाव से ऐन वक्त पहले कैप्टन पार्टी न छोड़ दें, इसे लेकर BJP अलर्ट है। मगर इससे ज्यादा हलचल कांग्रेसी खेमे में है। कांग्रेस में CM कुर्सी के दावेदार सोच रहे हैं कि कैप्टन आ गए तो उनका क्या होगा? यही वजह है कि कुछ इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। बाकी हाईकमान के डर से चुप हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि कैप्टन को ये ऑफर किसी सामान्य नेता ने नहीं, बल्कि हाईकमान के भेजे पंजाब इंचार्ज व छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल ने दिया है। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी सिर्फ विचार करेगी, वेलकम नहीं। बघेल ने न्योता देने की बात नहीं की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने तो साफ कह दिया कि ये हवा-हवाई बातें हैं। कैप्टन को CM कुर्सी से उतरवाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू इस सब पॉलिटिकल उठापटक से दूर टी-20 वर्ल्ड कप की कमेंट्री में बिजी हैं। दलितों के लिए पद मांगने के बाद राहुल गांधी से पड़ी फटकार के चलते पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी भी खामोश हैं। इसी बीच कांग्रेस ने 2027 की रणनीति के लिए सोमवार दोपहर 3 बजे चंडीगढ़ में विधायक व हारे उम्मीदवारों की मीटिंग बुला ली है। इसमें पंजाब प्रभारी बघेल, प्रधान वड़िंग और CLP नेता बाजवा भी शामिल होंगे। कांग्रेस में मची इस हलचल के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अभी तक खुद इस पर कोई बयान नहीं दिया है। उनकी बेटी व भाजपा महिला मोर्चा की पंजाब अध्यक्ष जयइंदर कौर जरूर BJP छोड़ने की चर्चाओं को खारिज कर चुकी हैं। कांग्रेस की तारीफ, ED का समन, कैप्टन चर्चा में क्यों आए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ दिन पहले बयान दिया कि कांग्रेस में बड़े नेताओं को मिलना आसान था। एक फोन पर टाइम मिल जाता था। भाजपा में ऐसा नहीं है। यहां अलग सिस्टम है। वह आज भी कांग्रेस को मिस करते हैं। इस बयान के कुछ दिन बाद 2016 के केस में जालंधर ED ने कैप्टन व उनके बेटे रणइंदर सिंह को समन भेजकर तलब कर लिया। समन की खबर बाहर आने से पहले ही कैप्टन घुटनों की सर्जरी के लिए मोहाली के अस्पताल में भर्ती हो गए। इसके बाद पंजाब कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि अगर कैप्टन कांग्रेस में लौटना चाहते हैं तो पार्टी इस पर विचार करेगी। इसे कैप्टन को कांग्रेस की तरफ से ऑफर माना जा रहा है। कैप्टन को लेकर कांग्रेस के CM कुर्सी दावेदारों ने क्या कहा.. परगट सिंह बोले- सवाल उठाने पर कैप्टन को समन जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने कहा कि जैसे ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में अपनी पोजीशन व पंजाब के बारे में पार्टी की समझ पर सवाल उठाए, वैसे ही ED का समन आ गया। इससे पहले, जब वह मुख्यमंत्री के तौर पर पंजाब और किसानों के हितों के लिए खड़े हुए थे, तो कथित तौर पर उन्हें रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया था। फिर उन पर भाजपा में शामिल होने का दबाव डाला गया। राजा वड़िंग बोले- हमने कैप्टन का स्वागत नहीं किया कांग्रेस के प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने कहा- हमारे पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने जो कहा उसका गलत मतलब निकाला जा रहा है। बघेल साहब ने सिर्फ इतना कहा है कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापस आने की इच्छा जताते हैं तो पार्टी हाईकमान उस पर विचार करेगी। उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि हम उनका स्वागत कर रहे हैं या उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया गया है। विचार करने और स्वागत करने में जमीन-आसमान का अंतर होता है। हाईकमान के पास कोई भी आवेदन आता है तो उस पर विचार करना एक प्रक्रिया है। उन्होंने उन नेताओं पर भी चुटकी ली जो पहले कैप्टन के खिलाफ मुखर थे। वड़िंग ने कहा- पंजाब कांग्रेस एकजुट है और मैं किसी भी ऐसे फैसले पर अपनी राय हाईकमान को मजबूती से दूंगा जो कार्यकर्ताओं की भावनाओं के खिलाफ हो। बाजवा बोले- अटकलें फैलाई जा रहीं प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- इस समय ऐसी खबरें हवा-हवाई बातें लगती हैं। चुनाव से पहले अक्सर ऐसी सियासी चर्चाएं और अटकलें फैलाई जाती हैं। कांग्रेस का फोकस जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने का है। वहीं, बाजवा कैप्टन की एंट्री की चर्चाओं के बाद रविवार को अमृतसर पहुंचकर सांसद गुरजीत औजला से भी मिले। कैप्टन के फैसले से कांग्रेस-BJP में क्या फर्क पड़ेगा