कैप्टन बोले- राहुल गांधी ने मंत्री हटाने का दबाव डाला:बर्खास्त न करने पर ट्वीट की चेतावनी दी; BJP-अकाली गठजोड़ नहीं तो 2027 भूल जाओ

पंजाब के पूर्व CM व BJP नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। कैप्टन ने कहा कि राहुल गांधी ने उन पर एक मंत्री को बर्खास्त करने का दबाव डाला। उन्होंने इनकार किया तो राहुल गांधी ने कहा कि अगर उन्होंने कार्रवाई नहीं की तो मैं ट्वीट कर मंत्री को बर्खास्त करने की बात कह दूंगा। इसके बाद कैप्टन ने मंत्री को बताया तो मंत्री ने 5 मिनट में इस्तीफा दे दिया। वहीं कैप्टन ने यह भी कहा कि भाजपा पंजाब में अकेले सरकार नहीं बना सकती। उसे अकाली दल से गठबंधन करना ही होगा। वर्ना 2027 तो क्या 2032 भी भूल जाए। कैप्टन के इस बयान ने सियासी गलियारों में खूब हलचल मची हुई है। कैप्टन ने एक मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए इन बातों का खुलासा किया। हालांकि अभी इस मामले पर कांग्रेस और अकाली दल की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी के दबाव पर कैप्टन ने क्या बताया
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा- मैं राहुल गांधी से मिला। यह मामला 2018 का है। राहुल गांधी ने मुझे न्यूजपेपर की कटिंग दिखाई। जिसमें एक मंत्री के खिलाफ खबरें थीं। मंत्री पर अनफेयरनेस का इल्जाम लगा था। मैंने कहा कि बेसलेस आरोप हैं। मैं मामले की पड़ताल करा रहा हूं लेकिन कुछ कंक्रीट सामने नहीं आ रहा। राहुल गांधी ने कहा कि इस मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त कर दो। कैप्टन ने राहुल गांधी को कहा कि मैं इस मामले को देखता हूं। मगर, कुछ दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने उनसे पूछा कि मंत्री को हटाया या नहीं, कैप्टन ने इनकार कर दिया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं ट्वीट करूंगा कि उसे बर्खास्त कर रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि इसका राजनीतिक तौर पर गलत मैसेज जाएगा। इसके बाद मैंने मंत्री को बुलाकर बताया कि हाईकमान की इच्छा है कि वह मंत्रीपद पर न रहें। राहुल गांधी उन्हें हटाना चाहते हैं। यह सुनकर मंत्री ने 5 मिनट के भीतर ही इस्तीफा दे दिया। इस मामले में कैप्टन ने मंत्री का नाम तो नहीं लिया लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2018 में राणा गुरजीत सिंह ने रिजाइन दिया था। ऐसे में यह इशारा उन्हीं की ओर माना जा रहा है। कैप्टन ने बताया- अकाली दल से गठजोड़ क्यों जरूरी
कैप्टन ने कहा कि अगर भाजपा को 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव जीतना है तो अकाली के साथ ही जाना पड़ेगा। दूसरा कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य की जटिल राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों की मजबूती केवल स्थानीय गठबंधन के माध्यम से ही संभव हो सकती है। इसकी बड़ी वजह ये है कि पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा का आधार नहीं है, लेकिन अकाली दल का है। इसलिए दोनों को ही एक दूसरे की जरूरत है, तभी पंजाब में सरकार पॉसिबल है। उन्होंने कहा कि यह मेरा तजुर्बा है। अगर भाजपा का अकाली दल से गठबंधन नहीं हाता तो सरकार बनाने के लिए 2027 और 2032 भूल जाओ। कैप्टन बोले- मैं पूरी तरह स्वस्थ, 2027 के लिए तैयार
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं राजनीति से दूर नहीं हैं। मैं अब बिल्कुल ठीक हूं और 2027 के चुनावों के लिए तैयार हूं। इस चुनाव में भाजपा को पंजाब में काबिल करने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। इसके लिए जल्द ही सीनियर नेताओं से मीटिंगें कर रणनीति तैयार की जाएगी। कैप्टन पहले भी गठबंधन की पैरवी करते रहे हैं। इसको लेकर अकाली दल की भाजपा से पर्दे के पीछे बातचीत भी चलती रही है लेकिन गठबंधन नहीं हो पाया। बता दें कि 2020-21 में कृषि सुधार कानूनों को लेकर अकाली दल ने भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया था। जिसके बाद भाजपा और अकाली दल, दोनों ही कमजोर हुए हैं।

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