क्या लालू फैमिली में वापस लौटेंगे तेजप्रताप?:विधायकी गई, 30 दिन में खाली करना होगा बंगला; जानिए उनकी Y कैटेगरी सुरक्षा का क्या होगा

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की विधायकी जाने के बाद अब उनका सरकारी बंगला भी जाने वाला है। उन्हें किसी भी वक्त 26 M स्ट्रैंड रोड वाला आलीशान बंगला छोड़ना पड़ सकता है। तेजप्रताप वाला बंगला नीतीश सरकार में मंत्री बने लखेंद्र कुमार रौशन को आवंटित किया गया है। हालांकि, तेजप्रताप को Y कैटेगरी सुरक्षा मिली है, जो उनको बंगला नहीं दिला सकती है। इसलिए वो नए आशियाने की तलाश में हैं। वो निजी फ्लैट खोज रहे हैं, जहां उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम हो सके। पूर्व विधायक ने पहले ही कह दिया था कि अब राजद में नहीं जाएंगे और न परिवार की ओर कभी रुख करेंगे। अब तेजप्रताप कहां रहेंगे? उन्हें कब तक बंगला छोड़ना होगा? Y कैटेगरी सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा? क्या वे अपने माता-पिता के पास लौट सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट… दरअसल, तेजप्रताप को पटना के 26M स्ट्रैंड रोड स्थित बंगला हसनपुर से विधायक रहते हुए मिला था। 2025 चुनाव हारने के बाद वो विधायक नहीं हैं। लिहाजा भावन निर्माण विभाग ने बंगला खाली करने का आदेश दिया है। एक महीने के अंदर खाली करना होगा बंगला भवन निर्माण विभाग के नियमों के अनुसार, किसी जनप्रतिनिधि का पद जाने के बाद सरकारी आवास उसी समय से अस्थायी माना जाता है। नोटिस जारी होते ही अधिकतम एक महीने के अंदर आवास खाली करना मेंडेटरी होता है। यही नियम तेजप्रताप यादव पर भी लागू होता है। नोटिस के मुताबिक, वे बंगला खाली करने के निर्धारित समय सीमा तक ही तेजप्रताप इसमें रह सकते हैं। अगर वे विभाग से टाइम मांगते हैं तो सिचुएशन को देखते हुए कुछ दिनों की छूट दी जा सकती है। नियम के अनुसार, पद खत्म होने पर आवास छोड़ना अनिवार्य है। देरी होने पर विभाग बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। अब तेजप्रताप यादव कहां रहेंगे? फिलहाल तेज प्रताप यादव 26 M स्ट्रैंड रोड स्थित बंगला में ही रह रहे हैं, लेकिन नोटिस मिलने के बाद वे निजी फ्लैट खोज रहे हैं। चुनाव हारने के बाद उनका सारा फोकस सुरक्षा और निजी आवास की व्यवस्था पर है। सूत्रों के अनुसार, उनकी Y कैटेगरी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा फ्लैट या निजी मकान की तलाश की जा रही है, जहां सुरक्षा बलों की तैनाती, एंट्री-एग्जिट और मॉनिटरिंग व्यवस्था ठीक रहे। सुरक्षा एजेंसियों की जरूरतों के अनुसार नया घर ग्राउंड फ्लोर या हाई-राइज बिल्डिंग में एक खास सेक्शन में होना चाहिए, ताकि जवानों की मूवमेंट आसानी से हो सके। निजी आवास हो सकता नया ठिकाना सूत्रों के मुताबिक, तेजप्रताप विभाग से थोड़ा समय मांग सकते हैं, ताकि नया घर फाइनल होने तक वो सरकारी आवास में रह सके। अगर विभाग मोहलत नहीं देता है तो सुरक्षा एजेंसियों के कहने पर अस्थायी तौर पर किसी गेस्ट हाउस या सुरक्षित कैंपस में जगह दी जा सकती है। कुल मिलाकर, उनका ठिकाना जल्दी ही सरकारी आवास से बदलकर निजी निवास में शिफ्ट होने वाला है। क्या तेजप्रताप अपने माता-पिता के पास लौटेंगे इस सवाल पर काफी चर्चा है, लेकिन इसकी संभावना बेहद कम है। सबसे बड़ी वजह यह है कि RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने खुद तेजप्रताप यादव को 6 साल के लिए पार्टी और परिवार दोनों से निकाल दिया है। लालू प्रसाद ने ये फैसला उनकी विवादित गतिविधियों, कथित गैर जिम्मेदाराना व्यवहार और पारिवारिक मूल्यों के उल्लंघन के आधार पर लिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि तेजप्रताप अब से परिवार और पार्टी में किसी भी प्रकार की भूमिका नहीं निभाएंगे। दूसरी ओर, तेजप्रताप भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे अब पार्टी में नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा था कि, हम अपनी नई राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं। अपनी खुद की पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं। इसलिए माता-पिता के साथ रहने की संभावना लगभग न के बराबर है। क्या Y-कैटेगरी सुरक्षा से सरकारी आवास का कोई संबंध है पूर्व DGP अभयानंद ने बताया कि, ‘Y कैटेगरी सुरक्षा और सरकारी आवास का कोई सीधा संबंध नहीं है। सुरक्षा दो आधारों पर मिलती है-खतरे का आकलन (थ्रेट परसेप्शन) और सरकारी पद। सुरक्षा एजेंसी सिर्फ यह तय करती है कि व्यक्ति को कितने जवान मिलेंगे और उन्हें किस तरह तैनात किया जाएगा। आवास देना या जारी रखना पूरी तरह भवन निर्माण विभाग का प्रशासनिक निर्णय होता है। कुछ मामलों में “सिक्योरिटी ग्राउंड” पर सरकार को सिफारिश भेजी जा सकती है, लेकिन यह बाध्यकारी नहीं होती। इसलिए Y कैटेगरी सुरक्षा होने का सरकारी आवास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।’ अपनी नई पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और हारे परिवार और पार्टी से निकाले जाने के बाद तेजप्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाई। इसी पार्टी के टिकट पर उन्होंने वैशाली की महुआ सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने हेलिकॉप्टर से प्रचार किया, बड़े रोड शो किए और लगातार वोटरों से संपर्क साधा, लेकिन चुनाव परिणाम ने तस्वीर पलट दी। तेजप्रताप खुद महुआ से चुनाव हार गए। यह वही सीट है, जहां से वो 2015 में पहली बार विधायक बने थे। पहली बार में ही बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी बने थे। इस बार महुआ से LJP (रामविलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह ने जीत हासिल की। RJD के पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन दूसरे स्थान पर रहे। तेजप्रताप को तीसरे स्थान पर जाना पड़ा। पिता लालू यादव ने पार्टी और परिवार से निकला था 24 मई 2025 को तेजप्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ निजी तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें वे एक लड़की के साथ नजर आ रहे थे। पोस्ट में दावा किया गया था कि वे 12 साल से अनुष्का यादव के साथ रिलेशनशिप में हैं। कुछ देर बाद पोस्ट डिलीट हो गया और तेजप्रताप ने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हुआ था। लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि लालू यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। 25 मई को लालू प्रसाद यादव ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि तेजप्रताप को पार्टी और परिवार दोनों से छह साल के लिए निकाला जा रहा है। उन्होंने लिखा कि तेजप्रताप का व्यवहार और गतिविधियां RJD के आदर्शों और पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ हैं। इससे सामाजिक न्याय के संघर्ष को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने साफ कहा कि तेजप्रताप अब से पार्टी और परिवार में किसी भी तरह की भूमिका नहीं निभाएंगे।

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