मोहाली के खरड़ में 7 साल पहले हुए इंद्रजीत सिंह मर्डर केस में गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और गुरदेव सिंह बरी हो गए। कोर्ट ने तीनों को 20 हजार रुपए के जमानत बांड भरने के आदेश दिए। कोर्ट ने 44 पन्नों का फैसला सुनाते हुए कहा- अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया कि नामजद तीनों आरोपी साजिश में शामिल थे, इसलिए आरोपियों को बेनिफिट ऑफ डाउट का लाभ दिया जाता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को भी शक के आधार पर सजा नहीं दे सकते हैं। इससे पहले ट्रायल में नामजद 9 आरोपी दिसंबर 2022 में बरी हो चुके थे। बाद में साजिशकर्ता बताते हुए तीनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट के दौरान जेल से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि मृतक के भाई ने भी इनकी पहचान से इनकार कर दिया। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन इसमें से एक पर भी दोष साबित नहीं हो पाया है। जिससे सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर में युवक की हत्या किसने की। बीच सड़क पर बदमाशों ने उसे 25 गोलियां मारीं थी। पहले जानिए कोर्ट ने क्या कहा… अब जानिए पूरा मामला… ************ ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ सोनू शाह मर्डर केस, गैंगस्टर लॉरेंस कैसे बरी हुआ?: 2 गवाहों की मौत, 2 कोर्ट में मुकर गए, होटल रजिस्टर गायब, CCTV फुटेज जब्त नहीं चंडीगढ़ के प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह का उसी के ऑफिस में कत्ल के केस की 7 साल चली सुनवाई में गैंगस्टर लॉरेंस को कोर्ट ने बरी कर दिया। कोर्ट में पुलिस के सबूत और दलीलें कमजोर साबित हुईं। पुलिस वॉयस मैसेज की फोरेंसिक जांच कराना भूल गई। 2 गवाहों की मौत हो गई जबकि 2 कोर्ट में मुकर गए। संदिग्ध जिस होटल में ठहरे, वह रजिस्टर क्राइम ब्रांच के कब्जे में था, लेकिन क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में कहा कि रजिस्टर गायब हो गया है। यह रजिस्टर केस का अहम सबूत था। (पढ़ें पूरी खबर)