केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज जालंधर पहुंचेंगे। यहां वे किसानों और मनरेगा में काम करने वाले लोगों से बातचीत करेंगे। इसके साथ ही दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ योजनाओं को ग्राउंड पर उतारने के लिए चर्चा करेंगे।
जालंधर के नकोदर चौक में KL सहगल हाल में कार्यक्रम होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिवराज सिंह चौहान अपने पंजाब दौरे के दौरान आधुनिक खेती और समृद्ध किसान के विजन को लेकर योजनाओं पर चर्चा करेंगे। पंजाब के इस दौरे में जमीनी स्तर पर चल रही योजनाओं की प्रगति देखेंगे और आगे के प्लान पर निर्देश देंगे। फसल अवशेष प्रबंधन वाले मॉडल गांव का करेंगे दौरा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह फ्लाइट से अमृतसर पहुंचेंगे। यहां से 27 नवंबर की सुबह मोगा जिले के गांव रणसींह कलां पहुंचेंगे। इस गांव को पर्यावरण संरक्षण, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मॉडल गांव चुना गया है। यहां वे किसानों और ग्रामीणों के साथ खुली बात करेंगे और जानेंगे कि यहां के किसानों ने फसलों के अवशेषों का निपटारा कैसे किया है।
जालंधर में मनरेगा वर्करों से करेंगे बात
मोगा में संवाद के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह दोपहर सवा एक बजे जालंधर के KL सहगल मेमोरियल हॉल पहुंचेंगे। जहां वे सवा 2 बजे तक मनरेगा योजना का फायदा लेने वालों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सवा 3 से सवा 4 बजे तक DC दफ्तर में स्टेट गवर्नमेंट के अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा करेंगे। योजनाओं की समीक्षा के बाद ICAR सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट (CPRI) बादशाहपुर, जालंधर पहुंचकर किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से मुलाकात करेंगे। यहां अच्छी किस्म के आलू बीज, नई किस्मों और ट्रेनिंग के जरिए किसानों की आय बढ़ाने में संस्थान की भूमिका पर चर्चा होगी। यह केंद्र लंबे समय से पंजाब सहित उत्तर भारत के किसानों को क्वालिटी आलू बीज और तकनीक उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
पंजाब के किसानों से सीधी बात करेंगे केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्री
शिवराज सिंह का अपने दौरे के दौरान पंजाब के किसानों, मनरेगा वर्कर्स और गांव को लोगों से सीधी बात करेंगे। इनसे मिले फीडबैक के आधार पर केंद्र की कृषि और ग्रामीण विकास की नीतियों को और सही बनाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह पिछले कुछ महीनों से विभिन्न राज्यों का दौरा कर किसानों से सीधी बात कर रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि खेत में उतरे बिना किसानों एवं गांव के लोगों की समस्याएं जाने बिना कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती।