शिवहर के खैरवा दर्प स्थित मां मनोकामना पूर्ण देवी स्थान पर 31वें चैत्र नवरात्रि एवं चंडी महायज्ञ का विधिवत ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया गया। शिवहर प्रखंड के नगर परिषद क्षेत्र वार्ड संख्या 22 में यह आयोजन पिछले 31 वर्षों से निरंतर होता आ रहा है। यह महायज्ञ मिथिला की सांस्कृतिक धरती पर आस्था और परंपरा का प्रतीक है।यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि तीन दशकों से अधिक समय से चली आ आ रही एक जीवंत परंपरा है। इसने स्थानीय समाज को एकजुट किया है। बसंतीय चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां हर वर्ष श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।यज्ञ समिति के अध्यक्ष अमन कुमार पांडे ने बताया कि मां मनोकामना पूर्ण देवी स्थान पर 31 वर्षों से परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ चैत्र नवरात्रि एवं चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 18 मार्च को निकाली जाएगी भव्य कलश शोभा यात्रा इस वर्ष भी इसे भव्य रूप से संपन्न किया जाएगा।महायज्ञ के कोषाध्यक्ष सुमित रंजन मिश्रा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 मार्च 2026 को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद, 19 मार्च 2026 को मंडप प्रवेश और कलश स्थापना होगी। महायज्ञ की पूर्णाहुति 27 मार्च 2026 को होगी, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। सचिव अभिषेक तिवारी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना, अखंड भंडारा, कथा-प्रवचन और सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे। यह महायज्ञ क्षेत्र की धार्मिक चेतना को सशक्त करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का भी कार्य कर रहा है। महायज्ञ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक निरंतरता का प्रतीक यज्ञ समिति के संयोजक वीरेंद्र तिवारी सहित अन्य सदस्यों, जिनमें दिनेश तिवारी, यजमान मनोज मिश्रा, सनी सिंह और आचार्य दीपक कुमार मिश्रा शामिल हैं, की सक्रिय भूमिका सराहनीय है। समिति ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे नवरात्रि के पावन अवसर पर मां के दरबार में उपस्थित होकर दर्शन-पूजन करें और मेले का आनंद लें। यह महायज्ञ अब शिवहर की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक निरंतरता का प्रतीक बन चुका है।