सिंगारपुर गांव में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पारंपरिक धुरखेली और कादो-माटी की होली का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरे गांव का माहौल रंगमय और उमंग से भरपूर रहा। ग्रामीणों ने झाल, कीर्तन और ढोल की थाप पर होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर धुर उड़ाया। परंपरा के अनुसार, उन्होंने एक-दूसरे के मस्तक पर होलिका दहन की राख लगाकर शुभकामनाएं दीं और गले मिलकर आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश साझा किया। इस अवसर पर बूढ़े, युवा और बच्चे सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सामूहिक रूप से कादो-माटी की होली खेली, जिससे पूरे गांव में हर्षोल्लास और उल्लास का वातावरण बना रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि धुरखेली की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और यह आपसी एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। गांववासियों ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से होली मनाने का संकल्प लिया।