गयाजी के फायरिंग रेंज में बम का गोला चुनने गए दो नाबालिगों में से एक की मौत हो गई। जबकि, दूसरा घायल है। जख्मी को इलाज के लिए मगध मीडियल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। मामला बाराचट्टी थाना क्षेत्र के बमेंर पंचायत के देवरी डुमरी का है। सौरभ (15) की मौत हो चुकी है, जबकि मुकेश कुमार गंभीर रूप से जख्मी है। मरने व घायल होने वाले दोनों लड़के नाबालिग हैं। बाराचट्टी पुलिस मामले की जांच में अपने स्तर से जुट गई है। फायरिंग रेंज में गुरुवार से फायरिंग प्रैक्टिस चल रही थी। राजगीर से सीआरपीएफ की टुकड़ी प्रैक्टिस कर रही थी। इन्होंने तीन दिनों के लिए फायरिंग रेंज को बुक किया था। फायरिंग रेंज भारतीय सेना का है। फायरिंग प्रैक्टिस पूरी कर चली गई थी सीआरपीएफ की टीम सीआरपीएफ ने एक ही दिन में फायरिंग प्रैक्टिस पूरी कर ली और वापस चली गई थी। सीआरपीएफ का कहना है कि फायरिंग शुरू होने के पहले रेंज से जुड़े आसपास के गांव के लोगों को विधिवत इत्तला किया गया था कि प्रतिबंधित रेंज में न जाएं। इसके बावजूद सेना या सीआरपीएफ की ओर से विस्फोट किए गए बम गोला व ग्रेनेट के वेस्टेज चुनने के लिए रेंज में लोग चले जाते हैं। जिससे जानलेवा दुर्घटना हुई है। रेंज में जाने की अनुमति आम जनता को नहीं थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि फायरिंग रेंज प्रतिबंधित है। रेंज में जाने की अनुमति आम जनता को नहीं है। मुकेश व सौरभ फायरिंग रेंज में कबाड़ चुनने गए थे। तभी बम फट गया। इससे दुर्घटना हुई है। मुखिया संजीव ने बताया कि जिस बम के गोला से दुर्घटना हुई है। उसकी तस्वीर सीआरपीएफ को भेजी गई। उनसे जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि उनकी प्रैक्टिस ग्रेनेट की थी, न की गोला की। मुखिया ने बताया कि गांव के लोग वेस्टेज से तांबा निकलते हैं। उसी दौरान अक्सर विस्फोट होता है।