जालंधर में पुलिस और एक टैक्सी ड्राइवर भिड़ गए। टैक्सी ड्राइवर गंभीर हालत में अपनी प्रेग्नेंट पत्नी को लेकर अस्पताल जा रहा था, लेकिन नाके पर तैनात पुलिसकर्मी ने सीट बेल्ट न लगाने की बात कहकर उसे रोक लिया। 1 घंटे तक दोनों में बहस होती रही, पति दर्द से कराह रही पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट दिखाता रहा और मिन्नतें करता रहा, लेकिन नाके पर खड़े पुलिसकर्मी ने उसे जाने नहीं दिया। आरोप है कि पुलिस की इस देरी की वजह से बच्चे की जान तक खतरे में पड़ गई। पीड़ित का आरोप है कि नाके पर तैनात दो मुलाजिमों ने शराब पी रखी थी और वे बात करने की स्थिति में भी नहीं थे। जब वो पुलिसकर्मी का वीडियो बनाने लगे तो वो मौके से अपनी चाबियां और गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। उधर, ACP का चार्ज देख रहे मनमोहन सिंह ने कहा की अभी मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत मिलती है। तो जांच कर एक्शन लिया जाएगा। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… पीड़ित ने वीडियो बनाया तो भागा व्यक्ति का कहना है कि इमरजेंसी के समय नियम से ज्यादा जान बचाना जरूरी होता है। पीड़ित ने इस पूरी घटना की वीडियो बनानी शुरू की, तो पुलिसकर्मी वहां से भागने लगे। पीड़ित का आरोप है कि नाके पर तैनात दोनों पुलिसकर्मियों ने शराब पी रखी थी। जब वो इसका वीडियो बनाने लगे, तो पुलिस वाले अपनी एक्टिवा और चाबियां वहीं छोड़कर भाग गए।