कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल की तरफ से कृषि विभाग कार्यालय में हेल्थ एंड प्रेगनेंसी डिटेक्शन ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें पशुपालकों को पशुओं के गर्भ ठहरने की सही जानकारी मिलने की ट्रेनिंग दी गई। साथ ही पशुपालकों को दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए टिप्स भी दिए। सांसद नवीन जिंदल ने मौके पर पशुपालकों की समस्याएं भी सुनीं। पशुपालकों ने सांसद के सामने मांग रखी कि फसल की तरह दूध का भी MSP तय हो। साथ ही उनको लिंग आधारित सीमन (जिससे मादा बछड़ा पैदा हो) आसानी से मिले। इस पर सांसद ने पशुपालकों से उनका मांग पत्र लेकर उनकी समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। प्रेगा किट की जानकारी दी कार्यक्रम में एनिमल डायग्नोस्टिक रिसर्च कंपनी की फाउंडर कोमल कालांत्री ने पशुओं की गर्भ जांच के लिए बनी प्रेगा किट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह किट बहुत आसानी से काम करती है। इसमें पशु के खून की सिर्फ एक बूंद डालनी होती है। कुछ ही मिनट में गर्भ ठहरा है या नहीं, इसका पॉजिटिव या नेगेटिव रिजल्ट आ जाता है। पहले 70 दिन लगते थे कोमल कालांत्री ने कहा कि पुराने तरीके से मैनुअल गर्भ जांच में करीब 70 दिन लगते हैं, लेकिन इस किट से सिर्फ 28 दिन में पता चल जाता है। अगर समय पर जांच न हो तो देश के पशुपालक हर साल करीब 70 हजार करोड़ रुपए का नुकसान उठाते हैं। यह किट बाजार में महज 220 रुपए में मिल रही है। सांसद ने दिखाया लाइव डेमो सांसद नवीन जिंदल ने खुद इस किट का लाइव डेमो दिखाया। उनके लाइव डेमो में जब एक गाय की जांच में रिजल्ट पॉजिटिव आया तो सांसद ने उस गाय के मालिक को बधाई दी। मौके पर मिलेट आइसक्रीम का स्वाद भी चखा। फरवरी में हुए पशुधन प्रदर्शनी में सांसद ने पशुधन को मजबूत बनाने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में यह कार्यक्रम हुआ।