गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी में पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी रणजीत सिंह के एनकाउंटर मामले का पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है । थोड़ी देर में इस मामले पंजाब डीजीपी पेश कर अपना पक्ष रखेंगे। यह पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। दूसरी तरफ मृतक की मां सुखजिंदर कौर ने अदालत में याचिका दायर कर इस मामले की रिटायर जज या सीबीआई से जांच की मांग रखी। मामले की याचिका पर कल सुनवाई होगी। इस एनकाउंटर पर परिवार वाले सवाल उठा रहे है। साथ ही युवक का संस्कार भी अभी तक नहीं किया गया है। लॉरेंस इंटरव्यू केस के साथ सुना जाएगा जानकारी के मुताबिक, आज दोपहर दो बजे के लिए यह केस रखा गया है। उसी दौरान गैंगस्टर लॉरेंस के जेल इंटरव्यू केस की सुनवाई भी होगी। कोर्ट ने डीजीपी गौरव को अपना जवाब तैयार रखने के आदेश दिए हैं। यह दूसरा मामला है, जब अदालत ने संज्ञान लिया है। इससे पहले मोहाली में हुए कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड का भी अदालत ने संज्ञान लिया था। 22 फरवरी को क्या हुआ था? गुरदासपुर में 22 फरवरी को भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आदियां गांव की पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मरने वालों में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल थे। पुलिस के मुताबिक यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से करवाया गया था। इसके लिए तीन युवकों को करीब 20 हजार रुपए देने का लालच दिया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय रणजीत सिंह, जो आदियां गांव का रहने वाला था। उसे 25 फरवरी को पुरानाशाला इलाके में पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस का कहना है कि वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। पुलिस ने दूसरे आरोपी दिलावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह को बाद में अमृतसर से पकड़ा गया। हालांकि इस मामले को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। रणजीत सिंह के परिवार ने आरोप लगाया कि यह फर्जी एनकाउंटर था। उनका कहना है कि पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई और बाद में मार दिया। परिवार ने यह भी कहा कि इलाके के सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए और सही तरीके से पोस्टमार्टम कराने की मांग की।