गुरुग्राम के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) अशोक रावत और इंस्पेक्टर जयवीर भ्रष्टाचार में फंस गए हैं। एसीबी को नवंबर 2025 में शिकायत मिली थी। जिसमें रेवाड़ी के एक राशन डिपो की सप्लाई बहाल करने के लिए 20 हजार रुपए की मांगने के आरोप लगाए गए थे। अशोक कुमार रावत उस समय रेवाड़ी में डीएफएससी के पद पर कार्यरत थे। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक पर केस दर्ज होने से विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप हैं। निमोठ गांव का मामला गांव निमोठ निवासी मोहित ने 24 नवंबर 2025 को शिकायत की थी। जिसमें बताया कि 19 जून को खाद्य आपूर्ति विभाग के उपनिरीक्षक मुकेश कुमार उनके डिपो का अनऔपचारिक निरीक्षण करने के लिए आए। उन्होंने बताया कि आपके डिपो पर डीएफएससी ने 2 हजार रुपए जुर्माना लगा दिया है। इसके बाद उनके डिपो की सप्लाई रोक दी गई। सप्लाई इंचार्ज पर लगे आरोप मोहित ने शिकायत में बताया कि 3 नवंबर को वह अपने पिता के साथ डीएफएससी ऑफिस गया। जहां सीट इंचार्ज इंस्पेक्टर जयवीर से मिले। जयवीर ने सप्लाई बहाल करने के लिए 20 हजार रुपए देने की मांग की। मामले की जांच एसीबी को सौंपी गई। एसीबी ने जांच के बाद 27 मार्च को दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कर लिया। अक्सर लगते रहे हैं आरोप रेवाड़ी में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर अक्सर ऐसे आरोप लगते रहे हैं। जिसकी शिकायतें समय-समय पर अधिकारियों के पास पहुंचती रही हैं। रेवाड़ी में लंबे समय तक डीएफएससी रहे अशोक कुमार रावत प्रदेश के कई जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।