गुरुग्राम में फर्जी डॉक्यूमेंट से बेचा प्लॉट, DETC सरोज अरेस्ट:पंजाब से हुई गिरफ्तारी, दो दिन पहले जमानत हुई रिजेक्ट; जमीन मालिक की हो चुकी मौत

गुरुग्राम जिले में सेक्टर 53 की सनसिटी सोसाइटी में फर्जी दस्तावेज तैयार करके एक मृत व्यक्ति का प्लॉट बेचने के मामले में DETC (डिप्टी एक्साईज एंड टैक्सेशन कमिश्नर) को मंगलवार को आर्थिक अपराध शाखा-I की पुलिस टीम ने जीरकपुर, पंजाब से गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले कोर्ट में उनकी जमानत याचिका रिजेक्ट हो गई थी। जिसके बाद पुलिस की इकॉनोमिक ऑफेंस विंग टीम ने उन्हें अरेस्ट किया है। आरोपी 50 वर्षीय आरोपी सरोज गुरुग्राम के सेक्टर -55 में रहती हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष-2004 में एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर का पद ग्रहण किया था व वर्तमान में यह डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर के पद पर बहादुरगढ़, झज्झर में तैनात थी और अभी इसका ट्रांसफर नारनौल (महेंद्रगढ़) में हुआ था। आरोपी ने बताया कि उसने सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी अलॉटमेंट लेटर बनाया व उसके आधार पर उस प्लॉट की कन्वीनयंस डीड पंजीकृत करवाकर प्लॉट को अपने व अन्य साथी राजबाला के नाम करवा लिया व उस प्लॉट को 3 करोड़ 40 लाख रुपए में किसी अन्य को बेच दिया, जिसमें में इसके हिस्से 01 करोड़ 70 लाख रुपए आए थे। वर्तमान में उस प्लॉट पर नीना चावला का प्लॉट पर कब्जा है और उन्होंने यहां तीन मंजिला कोठी बना रखी है। कुछ समय पहले नीना चावला की भी जमानत रिजेक्ट हुई थी। 2024 में परिवार की शिकायत पर DETC समेत चार लोगों के खिलाफ मामले में FIR दर्ज की गई थी। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… फर्जी बोर्ड रेजुलेशन से दस्तावेज तैयार किए दिनेश ने बताया कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने 12 नवंबर 2020 को फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन और प्लॉट के कुछ अन्य डॉक्यूमेंट तैयार कर लिए। इनके आधार पर प्लॉट की बिक्री राजबाला और सरोज देवी के नाम पर दिखाई गई। बाद में 26 जुलाई 2021 को फेक डॉक्यूमेंट से ही प्लॉट को लगभग 3.40 करोड़ रुपए में नीना चावला के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। अब नीना ने प्लॉट पर मकान बना लिया है। एक आरोपी की जमानत याचिका हो चुकी रिजेक्ट मृतक के परिवार का कहना है कि उन्होंने प्लॉट की पूरी राशि का भुगतान किया था। कंपनी ने उन्हें सूचित ही नहीं किया कि प्लॉट किसी और को आवंटित या बेचा दिया गया है। कंपनी के अधिकारियों ने फर्जी साइन और गलत रजिस्ट्रेशन कर प्लॉट दूसरी पार्टी को दिया है। दिनेश का कहना है कि मामले में एक आरोपी नीना चावला की जमानत याचिका पहले ही रिजेक्ट हो चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *