नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने पंजाब के अमृतसर जिले के रसूलपुर रोही गांव निवासी संदीप सिंह उर्फ चट्ठा पर बड़ी कार्रवाई की है। वह गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का करीब है। उसे नशीले पदार्थों की तस्करी मामले में PITNDPS अधिनियम के तहत एक साल और हिरासत में रखने का फैसला लिया गया है। वह इस समय हाई सिक्योरिटी जेल बुड़ैल चंडीगढ़ में बंद है। संदीप सिंह एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ 2013 से अब तक सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें तीन NDPS एक्ट के तहत हैं। बार-बार गिरफ्तार होने के बावजूद वह अपनी ड्रग तस्करी की नेटवर्क को लगातार फैलाता रहा, जिसमें क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशन भी शामिल थे। पूरे उत्तरी भारत में है आरोपी का नेटवर्क जांच से पता चला कि संदीप सिंह कई राज्यों में बड़े पैमाने पर हेरोइन की खेप हैंडल करने वाला मुख्य ऑपरेटिव है। उसका जम्मू-कश्मीर से पंजाब, दिल्ली और हरियाणा तक हथियारों व नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले कुख्यात गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया के साथ गठजोड़ भी सामने आया। दोनों पहले 2017 में 500 ग्राम हेरोइन की बरामदगी वाले मामले में साथ गिरफ्तार हो चुके थे। जनवरी में भेजा था प्रस्ताव एनसीबी ने सितंबर 2025 में संदीप चट्ठा के खिलाफ PITNDPS एक्ट के तहत निवारक हिरासत का प्रस्ताव भेजा। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद डिटेंशन ऑर्डर जारी हुआ और 7 जनवरी 2026 को उसे हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद मामला नई दिल्ली स्थित सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड (PITNDPS) के सामने रखा गया, जिसने 16 मार्च 2026 को सुनवाई की और हिरासत जारी रखने का पर्याप्त कारण पाया। बोर्ड की राय के आधार पर केंद्र सरकार ने 24 मार्च 2026 को डिटेंशन ऑर्डर की पुष्टि कर दी। डी कंपनी और ISI लिंक
जांच में पता चला है कि संदीप चट्ठा के संबंध बड़े ड्रग माफिया अक्षय छाबड़ा से भी थे। अक्षय छाबड़ा और जग्गू भगवानपुरिया दोनों इस समय नॉर्थ ईस्ट की अलग-अलग जेलों में बंद हैं, लेकिन जेल में रहते हुए भी उनका नेटवर्क चल रहा है, ऐसे संकेत मिले हैं। एनसीबी का मानना है कि संदीप चट्ठा इन दोनों अपराधियों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह के बीच एक अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था। सूत्रों की माने तो उसका सीधा संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तान की ISI के खासमखास हाजी यूसुफ से भी है