गोरखपुर में सिंगर अभिलिप्सा बोलीं- हिंदू केवल धर्म नहीं..विचारधारा है:शंकराचार्य विवाद पर कहा- मैं तो बहुत छोटी हूं, मैं कोई जजमेंट नहीं दे सकती

‘हर हर शंभू’ भजन से देशभर में पहचान बनाने वाली सिंगर अभिलिप्सा पंडा सोमवार को गोरखपुर पहुंचीं। अभिलिप्सा यहां महाशिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने आई हैं। महोत्सव 17 फरवरी को गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभिलिप्सा ने अपने करियर, सफलता के मंत्र और सनातन संस्कृति को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा- गोरखपुर की ऊर्जा ही अलग है। यहां आकर मुझे आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस होता है। अभिलिप्सा ने अपने चर्चित भजन की पंक्तियां भी गुनगुनाईं। कहा- मेरी सफलता महादेव की कृपा है। संघर्ष पर बोलते हुए उन्होंने कहा- प्रेरणा स्ट्रगल से नहीं, सक्सेस से लेनी चाहिए। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दों पर उन्होंने कहा कि मैं उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी। मैं बहुत छोटी हूं। मैं जजमेंट देने लायक नहीं हूं। भगवान हर चीज को निर्धारित करते हैं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: किस कार्यक्रम में गोरखपुर आई हैं?
जवाब: मैं महाशिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने के लिए गोरखपुर आई हूं। यह कार्यक्रम 17 फरवरी को शाम 7 बजे गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। मैं सभी से अनुरोध करती हूं कि अधिक से अधिक संख्या में आएं। गोरखपुर आकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस शहर की ऊर्जा और आभा सचमुच अलग है। सवाल: जिस गाने से आप मशहूर हुई हैं, उसकी दो लाइनें गुनगुना दीजिए।
जवाब: जी, जिस गाने की आप बात कर रहे हैं, उसने मुझे बहुत प्यार और पहचान दी है। मैं इसे महादेव की कृपा मानती हूं। इसके बोल हैं- “नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय,
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय।
हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा…” सवाल: अपने करियर के बारे में कुछ बताइए।
जवाब: जीवन में उतार-चढ़ाव और संघर्ष तो हर किसी के हिस्से में आते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि हमें संघर्ष को अधिक महत्व नहीं देना चाहिए। यदि किसी को प्रेरणा लेनी है तो वह आपकी सफलता से लेगा। बचपन से ही कला मेरे स्वभाव का हिस्सा रही है। मेरा सांस्कृतिक परिवेश भी संगीत से जुड़ा रहा है। तीन साल की उम्र से ही मेरी संगीत शिक्षा शुरू हो गई थी। सवाल: प्रयागराज में हाल ही में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर जो विवाद हुआ, उस पर आपकी क्या राय है?
जवाब: विवादास्पद विषयों पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि हर किसी का अपना अलग परसेप्शन होता है। एक साइड को देखकर हम किसी को जज नहीं कर सकते। मैं तो खैर बहुत छोटी हूं। मैं जजमेंट देने के लायक नहीं हूं, इसलिए मैं जजमेंट देना नहीं चाहूंगी। मैं सिर्फ इतना कहूंगी जो भी होता उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। ऊपर (भगवान) बैठे हैं, वो हर चीज को निर्धारित करते हैं। सवाल: गोरखपुर पहुंचे सरसंघचालक मोहन भागवत के इस बयान पर आपकी क्या राय है कि सभी भारतीय हिंदू हैं?
जवाब: मेरा मानना है कि ‘हिंदू’ केवल एक धर्म नहीं, बल्कि एक व्यापक सांस्कृतिक पहचान और विचारधारा है। हमारा मूल धर्म सनातन है, जिसका न आदि है और न अंत। ‘सनातन’ का अर्थ ही शाश्वत है। भारत में रहने वाले लोग सांस्कृतिक रूप से एक साझा विरासत से जुड़े हैं। इस संदर्भ में ‘हिंदू’ को एक जीवन दृष्टि के रूप में भी देखा जा सकता है। ———– यह खबर भी पढ़िए… किसान बोले-हमें कॉलेज बनने का भरोसा मिला था:BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर के बयान पर धरना दिया, उनके ही इशारे पर हम पीटे गए हम तो गांव में कूड़ा प्लांट का विरोध कर रहे हैं। पिछले दो महीने से बैठे हैं। हमें विधायक नंद किशोर गुर्जर ने भरोसा दिया था। उनके ही बयान पर हम धरने पर बैठे। अब उन्होंने ही हमें पिटवा दिया। वह हमारा फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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