गोल्डन टेंपल के रास्ते पर पिटाई का VIDEO:निहंगों ने थप्पड़ मारे, कहा- अमृतसर का नाम खराब कर रहा; व्यक्ति हाथ जोड़ता, पैर छूता रहा

अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल की ओर जाने वाले रास्ते पर कुछ निहंगों ने एक व्यक्ति को घेरकर उसकी पिटाई कर दी। व्यक्ति को डांटते हुए पहले एक निहंग ने जोरदार थप्पड़ मारा। इसके बाद बाकी निहंगों ने एक-एक थप्पड़ जड़ा। इस दौरान व्यक्ति हाथ जोड़ते और पैर छूते नजर आया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें निहंग उस व्यक्ति को डांट रहे हैं और थप्पड़ मार रहे हैं। एक निहंग डंडे भी मारते दिख रहा है। निहंगों का कहना था कि यह व्यक्ति और उसके जैसे कुछ अन्य लोग दरबार साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को परेशान कर रहे थे। ये श्रद्धालुओं पर 200-200 रुपए में कमरे लेने का दबाव बना रहे थे और उन्हें अपनी ओर खींच रहे थे। इससे श्रद्धालुओं के मन में गलत छवि बन रही थी। एक मिनट के वीडियो में क्या दिख रहा ठेके-मीट की दुकान बंद कराने के लिए प्रदर्शन कर रह थे यह घटना सोमवार (30 मार्च) की है। इसके बारे में निहंग नेता परमजीत सिंह अकाली ने बताया कि वह और उनके साथी विरासत मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे थे। वह मांग कर रहे थे कि दरबार साहिब के आसपास मीट और शराब की दुकानों को बंद किया जाए। उन्होंने कहा- सरकार ने ऐलान किया था कि दरबार साहिब के रास्ते में न शराब की दुकान होगी और न तंबाकू-बीड़ी की। फिर भी हालात वही हैं। श्री दरबार साहिब के जाने वाले रास्तों में होटलों में भी देह व्यापार होता है, शराब बिकती है। इस पर संगतों को बहुत एतराज है। यह सरकार की गलती है। व्यक्ति लोगों को रोककर परेशान कर रहा था परमजीत सिंह अकाली के अनुसार, जब वह प्रदर्शन कर लौट रहे थे, तब उनकी नजर कुछ लोगों पर पड़ी। जिस व्यक्ति को पीटा है, वह रास्ते से गुजर रही जनता को रोक रहा था और होटल में 200-200 रुपये के कमरे लेने के लिए मजबूर कर रहा था। उन्होंने बताया कि इससे मार्ग पर गुजरने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए असुविधा हो रही थी। अकाली ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि हजारों श्रद्धालु और आम लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। यदि कोई गंदे शब्दों या बर्ताव से लोगों को परेशान करता है, तो इससे अमृतसर और गोल्डन टेंपल की छवि देश और विदेश में खराब होती है। अकाली बोले- मैं चोट नहीं पहुंचाना चाहता था निहंग नेता ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को चोट पहुंचाना नहीं था। इससे पहले भी उन्होंने ऐसे लोगों को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन जब वे नहीं माने, तो उन्हें मजबूरन कठोर कदम उठाना पड़ा। उनका कहना है कि यह कार्रवाई केवल चेतावनी देने और मार्ग पर अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई थी। इसे व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए। SHO बोलीं- कोई बात हो तो पुलिस को बताएं इस घटना के समय थाना रामबाग की SHO अमनदीप कौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने निहंगों से पूरा मामला सुना और मौके पर मौजूद लोगों से बात कर भी जानकारी ली। इसके बाद कहा कि कोई भी बात हो, पुलिस को सूचित किया जाए। हालांकि, इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

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