अधिकारियों और क्लर्कों को उनकी जिम्मेदारी समझा दी गई है। जनता से अपील है कि वे सर्वे टीम को सही और सटीक जानकारी देकर सहयोग करें।’ -डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता, कमिश्नर, नगर निगम भास्कर खास | लुधियाना शहर में डिजिटल जनगणना-2027 का बिगुल बज चुका है। नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने वीरवार को जोन-डी दफ्तर में बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इस बार जनगणना पूरी तरह हाईटेक होगी, जिसमें लुधियाना नगर निगम के चारों जोनल कमिश्नर अपने-अपने क्षेत्र के इंचार्ज होंगे। खास बात यह है कि फील्ड सर्वे के लिए नगर निगम के दफ्तरों में तैनात क्लर्कों की फौज उतारी जाएगी। तैयारियों के मुताबिक एक कर्मचारी के लिए एक विशेष ब्लॉक तय किया जाएगा। एक ब्लॉक में औसतन 800 घर शामिल होंगे। निगम के क्लर्क इन 800 घरों में जाकर केंद्र सरकार द्वारा तय 33 सवालों की जानकारी ऑनलाइन फीड करेंगे। इसमें मकान की बनावट से लेकर परिवार की सुख-सुविधाओं और डिजिटल गैजेट्स तक का डेटा जुटाया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि 15 मई से शुरू होने वाले इस पहले चरण (हाउस लिस्टिंग) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। जनगणना का यह महाभियान जनता के लिए तो जरूरी है, लेकिन इससे नगर निगम के रोजमर्रा के कामकाज पर बड़ा असर पड़ने के आसार हैं। दफ्तरों में तैनात क्लर्कों की ड्यूटी फील्ड में लगने से प्रॉपर्टी टैक्स, टीएस-वन और एनओसी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की फाइल जांच का काम लटक सकता है। चूंकि क्लर्क ही पब्लिक डीलिंग और रिकॉर्ड मेंटेनेंस का मुख्य हिस्सा हैं, इसलिए सर्वे के दौरान लोगों को अपने सर्टिफिकेट या टैक्स संबंधी कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। एक कर्मचारी द्वारा 800 घरों का विस्तृत डेटा जुटाना बड़ा काम है, जिससे निगम की रूटीन सर्विस डिलीवरी प्रभावित होना तय माना जा रहा है। पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, जोनल कमिश्नर संभालेंगे कमान- बैठक में संयुक्त कमिश्नर विनीत कुमार, जोनल कमिश्नर अमनप्रीत सिंह, नीरज जैन, गुरपाल सिंह और जसदेव सेखों मौजूद रहे। फील्ड स्टाफ लोगों से मकान नंबर, मुखिया का नाम, कमरों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की सुविधा, रसोई का ईंधन, इंटरनेट एक्सेस, वाहन और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां मांगेंगे। सभी जोनल कमिश्नरों को इसकी सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।