चंडीगढ़ में शामिल 22 गांवों के किसान आज अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। किसान सारंगपुर-मुल्लांपुर रोड पर होंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध जताएंगे। किसानों ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक को बाधित नहीं किया जाएगा और सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी। यह प्रदर्शन पेंडू विकास मंच के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है, जिसमें चंडीगढ़ के 22 गांवों के किसान शामिल होंगे। मंच के अनुसार प्रदर्शन में करीब 500 या इससे अधिक किसानों के पहुंचने की संभावना है। किसान करीब तीन से चार घंटे तक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन का ध्यान गांवों से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करेंगे। लाल डोरा खत्म-लैंड पूलिंग पॉलिसी लाने की मांग किसानों की प्रमुख मांग है कि नगर निगम में वार्डों का निर्धारण इस तरह किया जाए कि गांवों को गांवों के साथ ही जोड़ा जाए और कॉलोनियों को कॉलोनियों के साथ ही रखा जाए। किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में गांवों को कॉलोनियों के साथ जोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं सही तरीके से सामने नहीं आ पातीं। किसानों ने लाल डोरा की व्यवस्था खत्म करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि गांव अब नगर निगम में शामिल हो चुके हैं, इसलिए यहां शहरी क्षेत्र के नियम लागू होने चाहिए। इसके अलावा किसानों के लिए लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू करने की मांग भी उठाई जा रही है, ताकि शहर के विकास में किसानों की भी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर रेट बढ़ाने की मांग किसानों का कहना है कि कृषि भूमि के कलेक्टर रेट काफी कम तय किए गए हैं, जिन्हें बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही गांवों में बुनियादी सुविधाओं और अन्य समस्याओं को भी प्रशासन के सामने उठाया जाएगा। पेंडू विकास मंच के प्रेसिडेंट सतिंदरपाल सिंह सिद्धू ने कहा कि चंडीगढ़ के गांव कागजों में नगर निगम का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक शहरी क्षेत्र जैसी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही किसानों की मांगों पर फैसला नहीं लिया तो आने वाले समय में सभी 22 गांवों में इसी तरह के नियमित विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।