चंडीगढ़-कोच्चि के बीच ‘नॉलेज शेयरिंग’ समझौता:कचरा प्रबंधन और अर्बन प्लानिंग से सीखेंगे, फिजूलखर्ची के आरोपों के बीच नई पहल

चंडीगढ़ के विकास कार्यों को बेहतर बनाने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम अब कोच्चि नगर निगम के साथ एक औपचारिक एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। इस पहल के तहत दोनों शहर एक-दूसरे के सफल मॉडल से सीखेंगे। चंडीगढ़ के पार्षद और अधिकारी कोच्चि जाकर वहां की स्वच्छता व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और राजस्व वसूली प्रणाली का अध्ययन करेंगे। इसके बदले कोच्चि का प्रतिनिधि मंडल चंडीगढ़ आएगा और यहां की हरित व्यवस्था, गार्डन प्रबंधन और शहरी नियोजन मॉडल को समझेगा। मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि देश के सफल शहरों से सीखकर चंडीगढ़ में व्यवहारिक और बेहतर व्यवस्था लागू करना ही इस पहल का उद्देश्य है। पुणे और पूर्वोत्तर राज्यों से भी सीख नगर निगम प्रशासन केवल कोच्चि तक सीमित नहीं रहेगा। पुणे नगर निगम के कचरा प्रबंधन और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों के शहरी निकायों की सामुदायिक भागीदारी वाली योजनाओं को भी देखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जो मॉडल चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त होंगे, उन्हें लागू करने की कोशिश की जाएगी। पहले भी विवादों में रहे हैं स्टडी टूर विपक्ष की पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि स्टडी टूर तभी फायदेमंद होंगे जब उनका एजेंडा साफ हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। मेयर ने इस बात से सहमति जताई और कहा कि कार्यक्रम सर्वदलीय सहमति से आगे बढ़ाया जाएगा। चंडीगढ़ नगर निगम के पहले भी कई स्टडी टूर हो चुके हैं, लेकिन वे कई बार विवादों में रहे। विपक्ष ने उन पर फिजूलखर्ची के आरोप लगाए और खर्च को लेकर सवाल उठाए। इसी को देखते हुए इस बार कुछ जरूरी फैसले किए गए हैं। अब अध्ययन दौरे के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे सदन में पेश किया जाएगा। जो भी सिफारिशें होंगी, उन्हें लागू करने के लिए समयसीमा तय की जाएगी। साथ ही काम की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि दौरा केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए और शहर को वास्तविक लाभ मिल सके।

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