चंडीगढ़ में क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में गिरफ्तार प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल ने पूछताछ में एक IFS अफसर का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अबरोल ने अपनी डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में बताया कि इस पूरे घोटाले की जानकारी उक्त IFS अफसर को थी। उसने यह भी दावा किया कि करीब 50 लाख रुपये से अधिक की नकदी उसी अफसर के इशारे पर टैक्सी के जरिए गाजियाबाद भेजी गई। टैक्सी के जरिए पहुंचाया गया कैश अबरोल के अनुसार, यह रकम दो बार टैक्सी से गाजियाबाद भेजी गई, जहां इसे IFS अफसर के रिश्तेदार के घर पहुंचाया गया। उसने टैक्सी चालक का नाम भी पुलिस को बताया है। अब पुलिस सबसे पहले टैक्सी चालक से पूछताछ करेगी, जिसके बाद संबंधित IFS अफसर से भी पूछताछ की तैयारी है। वहीं इस पूरे मामले में चंडीगढ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी नजर बनाए हुए है और उन्हे इस पूरे मामले की जानकारी दी जा रही है। एफडी घोटाले में नलिनी भी जेल भेजी पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सुखविंदर अबरोल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वह इस समय बुडैल जेल में बंद है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े 118 करोड़ रुपये के फर्जी एफडी मामले में गिरफ्तार चीफ फाइनेंस ऑफिसर नलिनी को भी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दोबारा रिमांड नहीं मांगा और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एनपी शर्मा के खिलाफ सबूत नहीं मिले मामले में पूर्व चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। जांच में न तो उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन मिला और न ही एफडी से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर पाए गए। जांच में सामने आया है कि ज्वैलर अनुभव मिश्रा ने अपने माता-पिता के खातों में करीब 70 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। बताया जा रहा है कि इस रकम से उसने एक प्रॉपर्टी भी खरीदी है, जिसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार, अनुभव मिश्रा ने शुरुआत में इस घोटाले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने की बजाय मुख्य आरोपी रिभव ऋषि से संपर्क किया और बाद में उसके साथ मिल गया। फिलहाल वह फरार है और एसआईटी उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।