चंडीगढ़ में जिम के बाहर मारे गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है। चंडीगढ़ पुलिस के साथ मीटिंग के बाद परिवार ने इस पर हामी भरी। चिन्नी के गांव कुब्बाहेड़ी (मोहाली) के रहने वाले गैरी ने बताया कि अफसरों ने विश्वास दिलाया कि जो बनती कार्रवाई है वो की जा रही है। गुरुवार (19 मार्च) को दोनों शूटरों को पंजाब पुलिस ने हरियाणा के कैथल में मुठभेड़ के दौरान में पकड़ा था। दोनों के पैरों में गोलियां लगी हैं। आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के रहने वाले राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह के रूप में हुई है। इन्हें अब इलाज के लिए चंडीगढ़ PGI लाया गया है। यहां इनका ऑपरेशन कराया जाएगा। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि चमनप्रीत को मारने के लिए गैंगस्टर गौरव पटियाल ने राजन को हायर किया था। 15 जनवरी को वह विशेष रूप से मलेशिया से भारत आया। वह ZING एप से पटियाल के संपर्क में थे। चिन्नी के रेगुलर जिम आने का भी उनको पता था। इस दौरान उसने चंडीगढ़, कैथल (हरियाणा) और मोहाली में रहकर रेकी की। हत्या को अंजाम देने के बाद वह कैथल में ही जाकर छिपा था, जहां उसका एनकाउंटर हुआ। इधर, 2 दिन बीत जाने के बाद भी मृतक की मां को इस बारे में नहीं बताया गया, क्योंकि वह बीमार रहती हैं। ऐसे में घरवाले किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। चमनप्रीत सिंह की 18 मार्च को गोली मारकर हत्या की गई थई। चिन्नी कुब्बाहेड़ी मर्डर से जुड़े 3 PHOTOS… प्रॉपर्टी डीलर की रेकी और हत्या की पूरी कहानी… साहिल ने किया था ठहराने का इंतजाम
आरोपियों के लोकेट होते ही एजीटीएफ ने एक्शन से पहले हरियाणा पुलिस की एसटीएफ से संपर्क किया। एसटीएफ और एजीटीएफ ने संयुक्त रूप से आरोपियों को घेर लिया। जब उन्हें सरेंडर करने को कहा गया तो उन्होंने फायरिंग कर दी, जिसके बाद उन्हें काबू किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा के कैथल का ही रहने वाला उनका एक साथी साहिल है, जिससे उनकी मुलाकात मलेशिया में हुई थी। उसी ने उनके ठहरने का इंतजाम किया था। हालांकि, सूत्र यह भी बताते हैं कि साहिल को यह नहीं पता था कि आरोपी हत्या कर भागे हैं। चमनप्रीत हत्याकांड में एनकाउंटर में पकड़े गए आरोपी प्रीतम की बहन सामने आई। उसने कहा कि उसका भाई 17 साल का है और वह पढ़ता है। उसे फंसाया गया है। मेरा भाई किसी का कत्ल नहीं कर सकता, वह खुद बोलता था कि किसी को नहीं मारना चाहिए। उसका पिता मंडी में काम करता है। हमें तो पता ही नहीं था कि पंजाब पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया। न्यूज़ देखने के बाद पता चला। इसके बाद मां और पिता दोनों पुलिस स्टेशन गए हुए हैं। घटना के बाद के PHOTOS… बेटे की हत्या के बारे में मां को अब तक नहीं पता
कुब्बाहेड़ी गांव के सरपंच हरिंदर सिंह ने बताया कि मां और बेटे में बहुत ज्यादा प्यार था। चमनप्रीत की मां काफी समय से बीमार है। दिन में उसे कई बार फोन करती थी। फिलहाल, उससे बेटे की हत्या की बात छिपाई जा रही है। वीरवार सुबह अखबार घर के बाहर डाला गया था, लेकिन किसी बहाने से उसे तुरंत हटा लिया गया, ताकि इस घटना का पता न चल सके। उन्होंने बताया कि पूरे गांव को घटना की जानकारी है, लेकिन परिवार ने मां की हालत को देखते हुए सच्चाई छिपा रखी है। पोस्टमॉर्टम में आगे की रणनीति को लेकर शुक्रवार सुबह 10 बजे बैठक में फैसला लिया जाएगा। गैंगस्टर से पुरानी जान-पहचान
मृतक के दोस्त बलकार सिंह ने बताया कि पहले चमनप्रीत की गैंगस्टर लक्की पटियाल के साथ जान-पहचान थी, लेकिन लंबे समय से दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं थी। लक्की पटियाल पास के गांव खुड्डा लाहौरा का रहने वाला है। पुलिस गोल्फ में मस्त, दिनदहाड़े मर्डर
बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सेक्टर-9 में चमनप्रीत पर फायरिंग की गई। आरोपी करीब 5 से 7 मिनट तक गोलियां चलाते रहे और फिर मौके से भाग हो गए। पुलिस को कुछ ही समय में सूचना मिल गई थी कि बाइक सवार 2 आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग निकले हैं। आरोपी सेक्टर-52/53 की लाइट पार करते हुए दिखाई दिए और इसके बाद मोहाली की तरफ निकल गए। हैरानी की बात यह है कि सूचना मिलने के बावजूद शहर के मुख्य मार्गों पर कहीं भी उन्हें नहीं रोका गया। आरोप है कि न तो PCR और न ही अन्य पुलिस टीमों ने रास्ते में उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे वे आसानी से चंडीगढ़ से बाहर निकल गए। इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि हत्या के समय चंडीगढ़ में अखिल भारतीय पुलिस गोल्फ टूर्नामेंट चल रहा था और अधिकारी वहां व्यस्त थे। सारे अधिकारी बड़े लोग वहां पर जुटे थे।