चंडीगढ़ जलापूर्ति प्रोजेक्ट की जांच करने पहुंची विजिलेंस:अब तक निगम ने नहीं दिया पूरा रिकॉर्ड,प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से जल्द पूछताछ,

चंडीगढ़ के मनीमाजरा में 75 करोड़ की लागत से बनी 24×7 जलापूर्ति परियोजना मामले की जांच करने के लिए विजिलेंस की टीम मनीमाजरा में पहुंची और प्रोजेक्ट से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की गई और पूरी रिपोर्ट बनाकर सीनियर अफसरों को सौंप दी गई। कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी नगर निगम की ओर से प्रोजेक्ट से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड विजिलेंस को नहीं भेजा गया है। जिस कारण अभी तक जांच अधर में लटकी हुई है। लेकिन अब विजिलेंस ने उन सभी अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर ली है जो इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए थे। उन सभी को जल्द पूछताछ के लिए निगम विजिलेंस ऑफिस बुला सकती है। अधर में कर दिया प्रोजेक्ट शुरू विजिलेंस की जो टीम मनीमाजरा में जांच करने पहुंची, उसकी टीम की अगुआई इंस्पेक्टर शादी लाल कर रहे थे। पहली बार टीम जांच करने के लिए मनीमाजरा गई थी ताकि ग्राउंड में जाकर पता लगाया जा सके कि आखिरकार इस करोड़ों के प्रोजेक्ट को शुरू करने में देरी कहां पर रह गई है। टीम ने मनीमाजरा में प्रोजेक्ट से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी ली और प्रोजेक्ट का काम कहां तक पहुंचा था जब देश के गृहमंत्री अमित शाह ने उसका उद्घाटन किया था, और उसके बाद अब काम कहां तक पहुंचा है। इसके अलावा इतनी जल्दबाजी में काम करने के पीछे किसका प्रेशर था—इन सभी कारणों को पता विजिलेंस लगा रही है ताकि जिस प्रोजेक्ट में 75 करोड़ रुपए की लागत लगी है, वह किस अफसर की जल्दबाजी के कारण पूरा नहीं हो सका है। पूर्व कमिश्नर से भी हो सकती है पूछताछ विजिलेंस टीम यह पता लगा रही है कि इस प्रोजेक्ट को नगर निगम का कौन अधिकारी देख रहा था और 75 करोड़ की लागत किन-किन चीजों पर खर्च की गई, साथ ही वह सामान कहां से खरीदा गया। उद्घाटन के समय चंडीगढ़ नगर निगम की कमिश्नर आनंदिता मित्रा थीं और वर्तमान में अमित कुमार निगम कमिश्नर हैं। जांच के दौरान विजिलेंस विभाग आनंदिता मित्रा से भी पूछताछ कर सकता है। साथ ही प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों को भी नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा। केंद्र को दी जा रही रिपोर्ट 24×7 जलापूर्ति परियोजना की जांच के लिए विजिलेंस को केंद्र सरकार द्वारा कहा गया है, उसी के चलते विजिलेंस ने नगर निगम से 24×7 जलापूर्ति परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज लेने के लिए लिखा था, मगर अभी तक नगर निगम की ओर से आधे दस्तावेज ही भेजे गए हैं। जिसके बाद फिर से विजिलेंस ने नगर निगम को लिखकर भेजा है कि जल्द 24×7 जलापूर्ति परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज भेजे जाएं, ताकि वह अपनी जांच पूरी कर सके। इस पूरे केस में क्या हो रहा है, उसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेजी जा रही है। बीजेपी अध्यक्ष ने दी थी केंद्र को शिकायत चंडीगढ़ बीजेपी अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मनीमाजरा में 4 अगस्त 2024 को 24×7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन देश के गृह मंत्री अमित शाह द्बारा किया गया था, लेकिन आज तक वहां एक दिन भी पानी नहीं आया है। लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मल्होत्रा ने लिखा था कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को पानी की दिक्कत न हो। इसी शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने मामला संज्ञान में लिया और इसकी जांच का जिम्मा चंडीगढ़ विजिलेंस विभाग को सौंप दिया। परियोजना का उद्देश्य 75 करोड़ की लागत से बनी यह परियोजना मनीमाजरा के एक लाख से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसमें मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, शिवालिक एन्क्लेव, इंदिरा कॉलोनी और शास्त्री नगर के इलाके शामिल हैं। यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य लगातार और उच्च दबाव वाली जल आपूर्ति देना है, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। इसके तहत रिसाव में कमी, स्मार्ट मीटरिंग, भूजल पर निर्भरता घटाना और ऊर्जा की खपत की निगरानी जैसे काम किए जाने हैं। इसके लिए कुल 22 किलोमीटर लंबी जल पाइपलाइन बिछाई गई है और दो भूमिगत जलाशय बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 2-2 मिलियन गैलन प्रतिदिन है।

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