चंडीगढ़ ड्रग्स केस में आरोपी को झटका:कोर्ट ने जमानत की खारिज, जांच प्रभावित होने की आशंका, 1 किलो हेरोइन हुई थी बरामद

चंडीगढ़ में बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े मामले में आरोपी साहिल कुमार उर्फ प्रिंस को अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और बड़ी मात्रा में नशा मिला है, इसलिए अभी आरोपी को छोड़ा नहीं जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस समय आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए फिलहाल उसे कोई राहत नहीं दी जा सकती। सेक्टर-43 आईएसबीटी के पीछे गश्त किया था गिरफ्तार मामले के अनुसार 27 फरवरी 2026 को पुलिस टीम सेक्टर-43 आईएसबीटी के पीछे गश्त कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि अमृतसर से एक तस्कर बड़ी मात्रा में हेरोइन लेकर चंडीगढ़ पहुंचने वाला है। पुलिस ने नाका लगाकर एक कार को रोका, जिसमें सवार आरोपी आफताब के कब्जे से 1.065 किलो हेरोइन बरामद हुई। यह मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (कमर्शियल क्वांटिटी) में आती है। जांच के दौरान आरोपी आफताब के खुलासे पर साहिल उर्फ प्रिंस समेत अन्य आरोपियों सतपाल सिंह और अजय उर्फ संजू को गिरफ्तार किया गया। साहिल के खुलासे पर भी हुई बरामदगी पुलिस के अनुसार आरोपी साहिल कुमार के खुलासे के बाद लुधियाना के जवाहर नगर कैंप स्थित बाल्मीकि पार्क में छापेमारी की गई, जहां से 18.97 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। यह बरामदगी खुले स्थान से हुई, जिसे आरोपी ने खुद बताकर दिखाया था। वहीं सह-आरोपी अजय उर्फ संजू के घर पर भी पुलिस ने दबिश दी, जहां से एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नशा तौलने के उपकरण और छोटे-छोटे खाली पाउच बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक ये सामान नशीले पदार्थ को तौलकर पैक करने में इस्तेमाल किया जाता था, जिससे ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क चलाया जा रहा था। बचाव पक्ष की दलीलें खारिज आरोपी के वकील ने अदालत में कहा कि बरामदगी कम मात्रा की है, उसे झूठा फंसाया गया है और मामले में कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है, लेकिन अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना। अदालत ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरा ड्रग्स नेटवर्क है। मुख्य आरोपी से बड़ी मात्रा में हेरोइन मिली है और जांच में साहिल की भूमिका सप्लायर के तौर पर सामने आई है। साथ ही साजिश की धारा भी लागू होती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी निर्दोष है या जमानत मिलने पर दोबारा अपराध नहीं करेगा, इसलिए उसे इस समय जमानत नहीं दी जा सकती। सह-आरोपियों की जमानत भी पहले खारिज अदालत ने यह भी देखा कि इसी मामले में अन्य आरोपी अजय और सतपाल की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं, इसलिए समान आधार पर साहिल को राहत देना उचित नहीं है।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने साहिल कुमार उर्फ प्रिंस की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामला ड्रग्स सप्लाई से जुड़े बड़े नेटवर्क का है और इसकी जांच अभी जारी है। ऐसे में सच सामने लाने के लिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है।

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