चंडीगढ़ नागरा हत्याकांड में बडे चेहरे होंगे बेनकाब:आरोपी जानू एक प्रॉपर्टी डीलर का करीबी, हत्यारों को दिलाए पैसे; कारोबारियों से करते थे वसूली

चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की हत्या मामले में अब जल्द बड़े चेहरे बेनकाब होने वाले हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने हत्या करने वाले दोनों आरोपियों की मदद करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से गिरफ्तार जानू मलिक मोहाली के ही एक नामी प्रॉपर्टी डीलर का करीबी है, जिसे पुलिस जल्द पूछताछ के लिए बुला सकती है। आपसी रंजिश का निकला मामला हालांकि जिसकी हत्या हुई, वह भी प्रॉपर्टी डीलर ही था, जिसमें जांच के बाद आपसी रंजिश भी सामने आ सकती है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पहले यह देखा कि चमनप्रीत कब घर से निकलता है, कहां जाता है, किस समय गाड़ी में रहता है, कब पैदल चलता है और किन लोगों से मिलता है। उसकी रोज की हर आदत और आने-जाने की जानकारी जुटाने के बाद ही हत्या की योजना बनाई गई। जल्द बड़े चेहरे होंगे बेनकाब चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें मोहाली के गांव जुझार नगर निवासी जानू मलिक, गांव मलोया निवासी कमलजीत सिंह और राहुल शर्मा थे, जिनके पास से पुलिस ने एक पिस्टल बरामद की थी। जानू मलिक के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए, लेकिन जांच में पता चला कि आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले ही अपने मोबाइल फोन का डेटा डिलीट कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने डेटा को रिट्रीव करने के लिए साइबर फॉरेंसिक लैब में भेज दिया है। मोबाइल फोन की रिपोर्ट आने के बाद खुलेगी परतें मोबाइल फोन की रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि आरोपी जानू मलिक किस-किस के संपर्क में था और किन-किन प्रॉपर्टी डीलरों के संपर्क में था, उनसे क्या बात होती थी और व्हाट्सऐप पर किसका मैसेज आया और जानू मलिक ने किसे-किसे मैसेज किए। यह पूरा रिकॉर्ड जैसे ही पुलिस के पास आता है, उसके बाद कई और भी नामी चेहरों का खुलासा होगा। इसमें विदेश में बैठे चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही जो लोकल चेहरे हैं, वे भी बेनकाब होंगे। खुद भी प्रॉपर्टी का काम करता था आरोपी गिरफ्तार आरोपी जानू मलिक खुद भी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था और झांमपुर और उसके आसपास के एरिया में प्लॉट काट रहा था। यही नहीं, वह इसमें मोहाली के एक नामी प्रॉपर्टी डीलर का भी करीबी माना जाता है। ज्यादातर वह उसके साथ ही दिखाई देता था और जो प्रॉपर्टी नामी प्रॉपर्टी डीलर लेता था, जानू मलिक भी उसमें ज्यादातर साथ ही होता था। अब पुलिस इस केस को प्रॉपर्टी विवाद से भी जोड़कर देख रही है और जांच कर रही है कि कहीं इनकी किसी प्रॉपर्टी को लेकर आपसी विवाद तो नहीं चल रहा था। क्योंकि चमनप्रीत कुछ दिनों में ही नामी प्रॉपर्टी डीलर बन चुका था और उसी के चलते वह कई लोगों की आंखों में भी खटकने लगा था। अब पुलिस नामी प्रॉपर्टी डीलरों पर भी नजर बनाए हुए है। हत्यारों को खर्च के लिए दिए पैसे वहीं ऑपरेशन सेल ने प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की हत्या मामले में आरोपियों को मदद करने वाले दीपक कुमार उर्फ दीपू और साहिल को पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से एक-एक पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। एक आरोपी ने पैसों की मदद की, जबकि दूसरे ने ट्रांसपोर्ट में सहयोग किया। जांच में सामने आया कि दीपक उर्फ दीपू बरवाला ने आरोपियों को पैसों की मदद की और रहने के लिए ठिकाना भी उपलब्ध कराया। जानकारी के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की हत्या करने वाले आरोपियों को करीब 80 हजार रुपए खर्च के लिए दिए गए थे और ये पैसे दीपक को आरोपी जानू मलिक ने दिए थे। इसके अलावा साहिल ने आरोपियों को आने-जाने में मदद की। क्लब मालिकों और कारोबारियों को धमकी पुलिस के मुताबिक आरोपी गैंग के इशारे पर ट्राइसिटी में क्लब मालिकों और कारोबारियों से वसूली करते थे। वे फोन कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए धमकी देकर पैसे मांगते थे और कई बार खुद जाकर भी दबाव बनाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग के कहने पर ये लोग अलग-अलग जगहों पर जाकर रेकी करते थे और संभावित टारगेट की जानकारी जुटाते थे। गिरफ्तारी वाले दिन भी ये चंडीगढ़ में क्लब संचालकों को डराने-धमकाने और वसूली करने के इरादे से आए थे। पुलिस को शक है कि अगर समय रहते इन्हें न पकड़ा जाता तो ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे।

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