चंडीगढ़ नगर निगम हाउस की बैठक चल रही है। मीटिंग शुरू होते ही हाउस में बवाल हो गया। प्रशासन की ओर से लोगों के घर तोड़ने का मुद्दा कांग्रेस पार्षदों ने उठा दिया। उधर, बवाल के बीच मेयर सौरभ जोशी खुद धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई नहीं रुकती है, तब तक वह नहीं हटेंगे। इससे पहले पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा- पहले मेरी बात सुनी जाएगी। मेरे इलाके में लोगों के घर टूट रहे हैं। लोग परेशान हैं। इस काम में राजनीति नहीं होनी। यह बता दें कि आप लोगों के साथ हैं या नहीं? इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाए कि इन्हें कोठियों के कब्जे क्यों नहीं दिखते? इस पर मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि हम सभी लोगों के साथ खड़े हैं। इसके लिए ऑल पार्टी कमेटी बनाई गई है। किसी भी पार्षद पर अटैक बर्दाश्त नहीं- मेयर इसके बार पार्षदों ने पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला को निशाना बनाने की कोशिश की। इस पर उनकी मेयर के साथ बहस हुई। मेयर ने कहा कि किसी भी पार्षद पर अटैक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, चंडीगढ़ में वेंडरों की फीस मिलने पर भी हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षद ने कहा कि 25 हजार में से केवल 4 हजार वेंडर ही निगम को पैसा देते हैं। इस पर भाजपा पार्षद बोले कि रोजी-रोटी कमाने वाले के गले पर ही चाकू रखेंगे तो कैसे चलेगा। इस पर कांग्रेस नेत्री ने कहा- मैं होती तो फट्टे चक्क देती। पार्किंग में छूट का प्रस्ताव लाया जाएगा मीटिंग के दौरान पार्किंग पास में 10% छूट का प्रस्ताव लाया जाएगा। अभी चारपहिया वाहन के लिए यह पास ₹500 महीने के हिसाब से ₹6000 का बनता है, जो कि 5400 का हो जाएगा। वहीं, दोपहिया वाहन के लिए 250 रुपये महीने के हिसाब से साल का ₹3000 का यह पास बनता है, जो ₹2700 का हो जाएगा। कार्रवाई में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…